जनसत्ता में भावना भड़काती खबर: ‘बेशर्म सेल्फी’!

साम्प्रदायिक तनावों के बीच अखबारों की टिप्पणियाँ और ख़बरें इसमें आग का काम करती हैं. आज जब साम्प्रदायिकता अपने चरम पर है तब अखबारों की भूमिका और संवेदनशील हो जाती है. 14 अक्टूबर को जनसत्ता में छपी इस खबर से इसके प्रशंसकों को चोट पहुँच सकती है, जिन्होंने इसके पूर्व संपादकों, खासकर प्रभाष जोशी की साम्प्रदायिकता विरोधी प्रतिबद्धता को देखी है अथवा 1992 सहित कई अवसरों पर सांप्रदायिक तनावों के दौर में जनसत्ता की पत्रकारिता देखी है.

जनसत्ता इस खबर के साथ सबसे ऊपर जो कैप्शन लिख रहा है, उसकी क्या जरूरत है वह जनसत्ता के संपादक ही बता सकते हैं या रामनाथ गोयनका की विरासत वाले एक्सप्रेस समूह के प्रबन्धक. जनसत्ता ने इंट्रो में लिखा है: “कमाल की बात तो यह है कि हिंदुओं में पारंपरिक पोशाक मानी जाने वाली साड़ी में फातिमा की इस तस्वीर पर तमाम लोगों ने उल्टे-सीधे कमेंट किए हैं.” यह खबर एक्ट्रेस फातिमा सना शेख के बारे में लिखी गयी है. उनकी धार्मिक पहचान के बरक्स एक धार्मिक पहचान को भिडाने वाली यह टिप्पणी निंदनीय है.

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भर्त्सना के साथ पढ़ें पूरी खबर.

इस ‘बेशर्म सेल्फी’ के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं ‘दंगल’ एक्ट्रेस फातिमा सना शेख


कमाल की बात तो यह है कि हिंदुओं में पारंपरिक पोशाक मानी जाने वाली साड़ी में फातिमा की इस तस्वीर पर तमाम लोगों ने उल्टे-सीधे कमेंट किए हैं।

दिसंबर 2016 में रिलीज हुई आमिर खान स्टारर फिल्म ‘दंगल’ में पहलवान गीता फोगाट का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस फातिमा सना शेख एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रोल्स का निशाना बन गईं। फातिमा द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर की गई इस तस्वीर में फातिमा ने नीले रंग की खूबसूरत साड़ी पहनी हुई है और लाल व पीले रंग का ब्लाउज पहना हुआ है। इस तस्वीर में उनकी कमर और गर्दन का कुछ हिस्सा खुला दिख रहा है। फातिमा को शायद पहले से ही इस बात का अंदाजा हो गया था कि इस तस्वीर पर कोई ना कोई विवाद हो सकता है, इसीलिए उन्होंने तस्वीर को अपलोड करते वक्त कैप्शन में खुद ही शेमलेस सेल्फी लिख दिया था।

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कमाल की बात तो यह है कि हिंदुओं में पारंपरिक पोशाक मानी जाने वाली साड़ी में फातिमा की इस तस्वीर पर तमाम लोगों ने उल्टे-सीधे कमेंट किए हैं। तमाम लोगों ने इन तस्वीरों पर अभद्र टिप्पणियां की हैं। एक शख्स ने कमेंट बॉक्स में लिखा कि खुदा तुम्हें देख रहा है और वह तुम्हें सजा देगा। एक यूजर ने लिखा कि फातिमा आपसे यह उम्मीद नहीं थी। किसी ने लिखा कि आप इस परिधान की मर्यादा का अनादर कर रही हैं तो किसी ने कहा कि फातिमा को साड़ी पहनना तक नहीं आता। बता दें कि रमजान के महीने से फातिमा के फोटोशूट की तस्वीरें सामने आई थीं जिसमें वह बिकिनी पहने समंदर के किनारे बैठी थीं। उस वक्त भी फातिमा को ट्रोल किया गया था।

सुधार 
तीन घंटे में जनसत्ता ने वह पंक्ति हटा ली जिसपर इस पोस्ट को आपत्ति थी. 

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