बिहार में बढ़ते बलात्कार: उधर चुनावी नारा नीतीशे कुमार

बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में 13 साल की एक नाबालिग के साथ 8 लोगों ने सामूहिक बलात्कार कर उसका वीडियो बनाते हैं और देश भर में वायरल कर देते हैं. वीडियो में बलात्कारी उस लड़की को मारते-पीटते दीखते हैं, उसका साथी जब बलात्कारियों को रोकता है तो उसके साथ भी मारपीट किया जाता है पीड़िता बलात्कारियों से रोती-गिडगिडाती हुए कह रही है, ‘भैया छोड़ दो, हमको अपना बहन समझ के छोड़ दो’.  पुलिस के अनुसार ये घटना 16 सितम्बर की है लेकिन 24 सितम्बर को इस मामले की जानकारी मीडियाकर्मियों के द्वारा उसे मिली. इस तरह की ये पहली घटना नहीं है. पुलिस ने गंगा राजवंशी, करण राजवंशी, गुगल राजवंशी, विजय कुमार और सोनू कुमार को गिरफ्तार किया है. इनके पास से ऐसे बलात्कार के कई वीडियो बरामद किये गये हैं ऐसा बताया जा रहा है. लेकिन पुलिस ने उन वीडियो की घटनाओं के आधार पर जांच को आज तक नहीं बढाया है. राज्य की जनता आक्रोशित है. घटना के बाद जनता ने शहर में और पिछले दिनों पटना में जमकर प्रदर्शन किया. पुलिस ने उनपर पुरी तरह लाठी चार्जकर उन्हें तीतर-बीतर कर दिया था.

फोटो: सन्मार्ग

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के गया जिले में 14 अगस्त की शाम मोहनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय लड़की अपने घर से बाहर निकली थी. एक चार पहिया वाहन पर सवार कुछ लोग उसका अपहरण कर ले जाते हैं और उस लड़की का गैंगरेप करते हैं और जब उसकी मां न्याय मांगने पंचायत में पहुंची तो पीड़िता को ही दोषी करार कर उसके सिर के बाल मुंड़वाकर उसे गांव में घुमाया गया.

बिहार के सुपौल जिले में 8 अक्टूबर की रात को राघोपुर थाना इलाके में मेला देखने जा रही एक नाबालिग और उसकी बड़ी बहन के साथ अपराधियों द्वारा  गैंग रेप की घटना सामने आयी थी, जब पीड़ित की बङी बहन ने विरोध किया तो उसके साथ भी बलात्कार करने के बाद उन्हें उसे गोली मार दी गयी, जिससे उनकी मौत हो गई.

हाल ही में पटना जिले के मसौढ़ी क्षेत्र के कररिया गांव में 14 साल की नाबालिक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद निर्मम तरीके से हत्या कर दिया जाता है. 
इस घटना को लेकर भाकपा-माले ने विरोध मार्च निकला जिसमें युवा कांग्रेस समेत अन्य अमन पसंद लोग भी शामिल हुए.

फोटो: स्वराज खबर

 19 अक्टूबर को बिहार के मुजफ्फरपुर के बोचहां थाना के चकनूरन जंगली पीड़ मजार के समीप शनिवार को नौवीं की छात्रा का शव मिला. किशोरी के शरीर पर नीचे का वस्त्र नहीं था अंदेशा जताया जा रहा है कि इस बच्ची के साथ भी कई लोगों ने मिल कर बलात्कार किया है.

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पिछले वर्ष ही बिहार मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में बलात्कार की घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा. उस मामले में भी बिहार सरकार बलात्कारी आरोपी के पक्ष में दिखी और मामले को दबाती हुई दिखी क्योंकि उसके मंत्रियों और अफसरों के तार भी इस बलात्कार काण्ड से जुड़े थे.

अक्टूबर में एक सप्ताह के अन्दर बिहार में गैंगरेप की पांच वारदात सामने आये हैं, इसको लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा , “शर्मनाक, इंसानियत, मानवता जैसे शब्द बहुत पहले ही माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने अपनी प्रशासनिक शब्दावली से डिलीट कर दिए थे. बिहार में नीतीश कुमार ही पुलिस एवं सरकार अथवा पुलिस एवं सरकार ही नीतीश कुमार है. सुशासन ही कुशासन और कुशासन ही सुशासन है.”

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वहीं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी ट्वीट में लिखा है, “सुशासन संरक्षित और संपोषित बलात्कारियों के राक्षसी पालनहारों, कुछ शर्म किजीए। बिहार के चारों कोनों में बहन-बेटियों की इज़्ज़त लुटी जा रही है और आप लोग कुर्सी के झगड़ों में फँसे है। बिहार नहीं संभल रहा तो ज़िम्मेवारी छोड़ दिजीए। क्यों प्रदेश और समाज को बर्बाद कर रहे है?” एक और ट्वीट कर नितीश कुमार के सुशासन के बारे में बताती हैं “भ्रष्ट कुशासन के कथित “सुशासन” का आज का अपराध बुलेटिन पढ़ लीजिए। कानून व्यवस्था पर खोखला आश्वासन कुर्सी बाबू के महिमामंडन के हास्यास्पद भाषण बिना उत्तरदायित्व वाली भ्रष्ट प्रशासन बेपरवाह असंवेदनशील शासन और सड़कों पर कहर बरपाते रावण, दुर्योधन और दुःशासन!”

राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है, “बिहार में महिलाओं-बच्चियों के लिए सुरक्षित रहना, अपनी अस्मिता बचा लेना, भाजपा जदयु के सौजन्य से, एक चुनौती बन गई है। हर रोज़ पटना जिला में ही औसतन आधा दर्जन गैंगरेप की वारदात हो रही है! जब पुलिस स्वयं सुरक्षित नहीं है तो जनता की क्या सुध लेगी?”

सरकार और पुलिस प्रशासन के ढीले रवैये को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है. कई जगह प्रदर्शन भी हो रहे हैं. 25 अक्टूबर को दिल्ली के जन्तर-मंतर पर बिहार में बलात्कार की घटनाओं पर सरकारी असंवेदनशीलता के खिलाफ एक विशाल प्रदर्शन होने जा रहा है. उधर सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने में ही लगी है और तरह-तरह के बयान दे रही है विपक्षी पार्टियों से संबद्ध बलात्कार-आरोपियों के नाम गिनवा रही है.

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