महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय माई साहेब यानी सविता अम्बेडकर के नाम पर एक पीठ की स्थापना करने जा रहा है। ऐसा खुलासा पहली बार स्त्रीकाल के लाइव मंच पर आये हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रजनीश शुक्ल ने किया।

माई साहब (सविता अंबेडकर ) समाजसेविका, डॉक्टर तथा भीमराव आम्बेडकर की दूसरी पत्नी थीं।  लोग उन्हें आदर से माई या माईसाहब कहते हैं।

स्त्रीकाल की खास बातचीत दक्षिणावर्त सवालों के घेरे में महात्मा गाँधी हिन्दी विद्यापीठ वर्धा महाराष्ट्र के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल पहले आमंत्रित अतिथि रहे तथा इस बातचीत का विषय था “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बनाम संविधान का संघर्ष”।

”बाबा साहेब  भीमराव अंबेडकर को समझने के लिए सिर्फ किताब आधार नहीं हो सकती। स्त्री के प्रति उनकी दृष्टि को माई साहब के जीवन में देखा जा सकता है. माई साहब उनके ना रहने बाद भी जिस दिशा में सामाजिक परिवर्तन के इस यज्ञ को जिन परिस्थितियों में बढ़ा रही थीं उसके आलोक में देखा जाना चाहिए।” प्रोफेसर शुक्ल ने स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन से बातचीत करते हुए यह कहा।

इस बातचीत में उन्होंने प्रशासक के रूप में अपने संकल्प  के बारे में बताया कि वह माई साहब को लेकर एक पीठ की स्थापना करना चाहते हैं, वह कहते हैं  “यह कालखंड है जिसमें माई साहब को सामने रखकर हम समकालीन स्त्री प्रश्नों पर सकारात्मक बात कर सकते हैं तब एक निरन्तरता दिखती है, उस निरन्तरता को सामने रखते हुए समकालीन भारतीय समाज की स्त्री प्रश्नों को हल करने का कोई रास्ता निकल सकता है इस पर कोई व्यापक अध्ययन शोध, डॉक्यूमेंट की जरूरत है जो नहीं हुआ है।”

स्त्रीकाल अपने लाइव के लिए दक्षिणावर्त सवालों के घेरे में नाम से एक विशेष प्रोग्राम कर रहा है, जिसके पहले अतिथि प्रोफेसर रजनीश शुक्ल थे।

पूरी  बातें सुनने के लिए इस लिंक पर जायें – परिचर्चा : सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बनाम संविधानवाद का संघर्ष

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