महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय जहाँ सावित्री बाई फुले के नाम का एक छात्रावास बना हुआ है और वहाँ उनके संबंध में कुछ पढ़ाई हो स्त्री अध्ययन विभाग इस यत्न में लगा हुआ है, यह कहना है हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रजनीश शुक्ल जी का।

स्त्रीकाल की खास बातचीत दक्षिणावर्त सवालों के घेरे में महात्मा गाँधी हिन्दी विद्यापीठ वर्धा महाराष्ट्र के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल पहले आमंत्रित अतिथि रहे तथा इस बातचीत का विषय था “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बनाम संविधान का संघर्ष”।

पूरे देश के स्त्री अध्ययन में जो पढ़ाई हो रही है वो भारतीय यथार्थ से थोड़ा हटकर होती है पर उसकी पढ़ाई भारतीय यथार्थ के अंतर्गत हो और विकास का जो क्रम है उसके लिए यत्न पूर्वक काम किए जा रहे हैं इसी क्रम में आगे बात में प्रो.साहब ने कहा कि वहाँ विदर्भ मे किसानों की हालत ठीक नहीं है इसलिए हमनें प्रण लिया है कि विश्वविद्यालय में वितरण केंद्र बनेगा जिसमें किसान अपना सामान आकर सीधा बेच सकें वह अकेले आयें या बहुत से किसान समूह बनाकर अपना अनाज यहाँ सीधे बेच सकते हैं जिससे बिचौलियापन खतम हो और वह स्वावलंबी तथा आत्मनिर्भर गाँव बनें। इसके साथ ही चरखा और करघा को अर्न वाई लर्न योजना से जोड़ा है जिससे गरीब परिवार से आने वाला विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का खर्चा यहीं पर काम करते हुए जुटा सकें।

पूरी  बातें सुनने के लिए इस लिंक पर जायें – परिचर्चा : सांस्कृतिक राष्ट्रवाद बनाम संविधानवाद का संघर्ष

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