अली अनवर अंसारी                                                                                      22/09/2021

प्रतिष्ठा में,
श्री हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार, रांची
विषय : मॉब लिंचिंग में मारे गये तबरेज अंसारी की विधवा शाइस्ता परवीन को न्याय दिलाने के समंध में।
माननीय श्री हेमंत सोरेन जी,
आदाब – जोहार।
अपने संगठन ‘ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़’ की तरफ से जातीय जनगणना कराने की मांग को लेकर मैं 18 से 20 सितम्बर, 2021 तक जमशेदपुर और रांची में था। यह जानकर खुशी हुई कि आप इस संबंध में पहल कर रहे हैं। आपने प्रधानमंत्री से एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने का समय भी मांगा है। इस तीन दिवसीय दौरा के दरमियान मॉब लिंचिंग में मारे गये तबरेज अंसारी की विधवा शाइस्ता परवीन तथा उसके परिजन भी मुझसे मिले। आप जानते हैं कि उस क्रूर घटना के सिलसिले में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार ने किस तरह हत्यारों को बचाने का प्रयास किया। इसको लेकर पूरे देश में न सिर्फ झारखंड सरकार, बल्कि भाजपा की थू-थू हुई। मुझे बताया गया है कि शाइस्ता परवीन और उनके परिजन आपसे न्याय की मांग को लेकर तीन बार मिल चुके हैं। आपने शाइस्ता को अपनी बहन कहा है, और उसे इंसाफ दिलाने का भरोसा भी दिया है। आप इस बात से भी वाकिफ हैं कि “मॉब लिंचिंग विधवा संघर्ष मोर्चा” बनाकर इंसाफ के लिए कई विधवाओं ने रांची में एक साथ भूख हड़ताल भी की। आपके आश्वासन पर यह भूख हड़ताल टूटी है। मैं समझता हूं कि इन विधवाओं की यह मांग उचित है कि आपकी सरकार मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाए। पूर्व में आप इसका आश्वासन भी दे चुके हैं। पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान, मणिपुर आदि राज्य सरकारें इस तरह का कानून बना भी चुकी हैं। इस तरह के मामलों की सुनवाई के लिए “फास्ट ट्रैक कोर्ट” बनाना भी ज़रूरी है। मेरे संज्ञान में यह बात भी लाई गयी है कि तबरेज अंसारी की हत्या मामले में 13 नामजद हत्यारों में से 12 जमानत लेकर बाहर आ गये हैं। आप यह भी जानते हैं कि तत्कालीन रघुवर दास सरकार की पुलिस ने तबरेज अंसारी की मृत्यु का कारण ‘हार्ट फेल’ बताकर एफआईआर से धारा 302 हटा दिया था और इस तरह हत्यारों को छुड़वाने में मदद की। जमानत मिलने के बाद फिर से अभियुक्तों पर 302 की धारा लगा दी गई है। इस संबंध में मेरा निवेदन है कि आपकी झारखंड सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ बड़े बेंच का गठन कर अभियुक्तों के जमानत पर फिर से विचार करने हेतु हाईकोर्ट से आग्रह करे। अथवा आपकी सरकार द्वारा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जानी चाहिए, ताकि हत्यारों को फिर से जेल भेजा जा सके। माननीय मुख्यमंत्री जी, आप जानते हैं कि जून 2019 में, शादी के 52 दिन बाद ही, शाइस्ता के पति तबरेज अंसारी की हत्या कर दी गई थी। तबरेज को रातभर खम्भे में बांधकर पीटा गया। दंगाइयों ने उसे ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ का नारा लगाने के लिए कहा। जान बचाने के लिए उसने यह नारा भी लगाया। सारी दुनिया ने इस वीडियो को देखा है। इस वीडियो को देखकर कहा जा सकता है कि जब किन्हीं लोगों पर साम्प्रदायिकता या इसी तरह का कोई अन्य पूर्वग्रह सवार हो जाता है, तो वे हिंसक जानवर से भी ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। दूसरे दिन पुलिस आयी, तो बिना डॉक्टरी जांच और इलाज के, उल्टे तबरेज अंसारी पर साइकिल चोरी का इल्जाम लगाकर उसे जेल भेज दिया। जेल में जब उसकी हालत बिगड़ी, तब जाकर चार दिन बाद जेल से बाहर अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। तब भाजपा की सरकार थी, जिसके एजेंडे में इस तरह के काम को बढ़ावा देना था। उस घटना के पूर्व भी झारखंड में गिरिडीह से लेकर रामगढ़ तक गोरक्षा के नाम पर इस तरह की घटनाएं कराई गयी थीं। उस समय मैंने झाखंड सहित कई राज्यों के घटना-स्थलों का दौरा भी किया और राज्यसभा में 20 अगस्त 2017 को मजबूती से इस सवाल को उठाया था। भाजपा शासन के दौर में ‘मॉब लिंचिंग’ और किसी अन्य बहाने आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों तथा मुसलमानों के खिलाफ इस तरह की घटनाओं की बाढ़ आ गयी थी। मगर अब झारखंड में एक ‘सेक्यूलर’ सरकार है। भरोसा है कि आप सभी पीड़ित परिवारों को न्याय देकर देश में एक मिसाल कायम करेंगे। मैं अपने कई दलीय मित्रों और गैरदलीय मीडिया-मित्रों से आपकी व्यक्तिगत संवदेनशीलता और सामाजिक न्याय के प्रति आपकी निष्पक्ष प्रतिबद्धता से जुड़े कई मार्मिक प्रसंग सुन चुका हूं। इसलिए मैं आपसे व्यक्तिगत स्तर पर यह आग्रह करना सर्वथा उचित और न्यायसंगत मानता हूं कि झारखंड की बेटी शाइस्ता परवीन सहित सभी विधवाओं तथा पीड़ित परिवारों के किसी एक परिजन को सरकारी नौकरी देकर उनकी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने में आप सहयोग करें। शुभकामनाओं सहित,
आपका
अली अनवर अंसारी , पूर्व सांसद( राज्यसभा)
अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़
संपर्क –  9868181015

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