इक्कीसवीं सदी का कचरा यानी टिक टिक करता टाइम बम

गरिमा भाटिया केमिकल इंजीनियरिंग में पी च डी. नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन में कार्यरत. प्रकृति से गहरा लगाव और फोटोग्राफी से भी. ई मेल-...

ग्रामीण महिलाओं के श्रम का राजनीतिक अर्थशास्त्र

आकांक्षा  महात्मा  गांधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में स्त्री अध्ययन विभाग में शोधरत। संपर्क : ई मेल-akanksha3105@gmail.com महिला श्रम की बात करते समय हमारे मस्तिष्क में जो विचार...

‘‘….एण्ड सन्स’’ का कपटतंत्र और एक चिरविस्थापित: वैश्वीकृत भारत में स्त्री के सम्पदा अधिकार...

डा. अनुपमा गुप्ता बचपन में बाजार से गुजरते हुए दुकानों पर लगे ‘मुरारीलाल एण्ड सन्स’ जैसे नामों पर जब भी नजर पड़ी तो हर एक...

औरत , विज्ञापन और बाजार

अदिति शर्मा केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, बैंगलोर पीठ में हिंदी अनुवादक संपर्क-ई-मेल : aditisharmamystery@gmail.com अदिति शर्मा स्त्री  मुक्ति चेतना व स्त्रीवादी दृष्टिकोण पर बहुत कुछ लिखा जा...

किसान महिलाओं को विशेष अवसर दिये जायें

नूतन मालवी <सत्यशोधक आन्दोलन की कार्यकर्ता, कई किताबें प्रकाशित, सत्यशोधक स्त्रीवाद नामक एक किताब प्रकाश्य .संपर्क : ई मेल- nootan.malvi@gmail.com भारत  के असमान विभाजनों...

कृषि प्रधान देश में महिला खेतिहर की दैन्य वास्तविकता

मंजू शर्मा सोशल मीडिया में सक्रिय मंजू शर्मा साहित्य लेखन की ओर प्रवृत्त हैं .संपर्क : ई मेल- manjubksc@yahoo.co.in आंगन के, आंगन के बिरवा...

क्रान्ति के कपड़े

अर्चना वर्मा अर्चना वर्मा प्रसिद्ध कथाकार और स्त्रीवादी विचारक हैं.  ई मेल :  mamushu46@gmail.com 2007 के अन्तरराष्ट्रीय -वाणिज्य-मेले के समय 'हिन्दुस्तान टाइम्स' में एक...

दिल्ली में नाइजीरियन यौन- दासियाँ

OLUTOSIN OLADOSU ADEBOWALE OLUTOSIN OLADOSU ADEBOWALE  स्त्री अधिकार कार्यकर्ता हैं, नागारिक पत्रकार हैं. वे बच्चों पर यौन हिंसा के खिलाफ काम करती हैं...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।