भीमा-कोरेगांव हिंसा पर एनडीए के डिप्टी मेयर की फैक्ट फायन्डिंग रिपोर्ट से उड़ सकती...

एक ओर पुणे, महाराष्ट्र की पुलिस सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, वकीलों को भीमा-कोरेगाँव में 1 जनवरी को हुई हिंसा का दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर...

राष्ट्रपति के पूर्व ओसडी और उसके भाई पर शोधार्थी ने लगाया शोषण का आरोप

स्त्रीकाल डेस्क  आगरा में पीएचडी की छात्रा उपमा शर्मा  ने राष्ट्रपति के पूर्व ओएसडी और संपादक कन्हैया त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाये हैं. छात्रा ने...

सखी का सखी को प्रेम पत्र: खुल गई बेडियां!

यशस्विनी पाण्डेय प्यारी सखी , वैसे तो आमतौर पर मै पत्र लिखते हुए कोई संबोधन नहीं देती, क्योंकि ये मेरा पत्र लिखने का अपना आइकॉन है....

पानी लाने के लिए कई शादियाँ करते हैं मर्द: औरतों को पानी वाली सौतन...

कहते हैं कि तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। तीसरे विश्व युद्ध का इंतजार किए बिना देश की अधिसंख्य महिलाएं रोज ही पानी...

कार्बाइड का कलंक

स्वाति तिवारी लेखन की कई विधाओं में सक्रिय स्वाति तिवारी मध्यप्रदेश सरकार की एक अधिकारी हैं.   संपर्क : stswatitiwari@gmail.com ( ३० साल हो गए...

बलात्कृत रंगकर्मियों को पुलिस ने कैद कर रखा है: फैक्ट फाइंडिंग टीम

'यौन हिंसा एवं दमन के खिलाफ महिलायें (WSS)' की अगुआई में झारखंड गयी फैक्ट फाइंडिंग टीम ने अपने अंतरिम रिपोर्ट में कोचांग में गत...

यूपी का देवरिया भी बना मुजफ्फरपुर: संचालिका और उसका पति गिरफ्तार

स्त्रीकाल  डेस्क  बिहार के मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में बच्चियों के साथ हुए रेप के खुलासे और उसपर हो रहे प्रतिरोध के बीच उत्तर प्रदेश...

अभी तो बहुत कुछ शेष था ! (रजनी तिलक का असमय जाना)

संजीव चंदन अलग-अलग सरोकारों के लोग, वामपंथी लेखक और एक्टिविस्ट, अम्बेडकरवादी लेखक और एक्टिविस्ट, सामाजिक संस्थाओं के लोग, महिला अधिकार के कार्यकर्ता, एलजीबीटी समूह की...

स्त्री अध्ययन विभागों पर शामत, असोसिएशन भी सवालों के घेरे में

देश भर में विभिन्न विश्वविद्यालयों में लगभग दो सौ  के आस-पास स्त्री अध्ययंन विभाग/केंद्र आज नयी चुनौतियों से जूझ रहे हैं. अभी बमुश्किल चार दशक...

पुलिस कहती है सरकारी फंड पाने के लिए सेक्स रैकेट चलाता था ब्रजेश ठाकुर

स्त्रीकाल डेस्क  बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच की कमान सीबीआई ने 29 जुलाई को अपने हाथों में ले ली थी लेकिन 6...
249FollowersFollow
606SubscribersSubscribe

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।