नरसंहारों का स्त्रीपक्ष

संजीव चंदन बिहार के जहानाबाद कोर्ट ने सेनारी नरसंहार (जहां सवर्ण जाति के लोग मारे गये थे) के मामले में अपना निर्णय सुनाया है. कई...

12वीं लोकसभा में महिला आरक्षण पर बहस ( 8 मार्च )

राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति  दोनो ने महिला प्रतिनिधियों की सभा में महिला आरक्षण बिल पारित किये जाने की जरूरत पर बल दिया , परन्तु प्रधानमंत्री...

मैंने अमित शाह को गुंडा (इसलिए) कहा…..राना अय्यूब

मुकुल सरल   “ये किताब एंटी मोदी या एंटी अमित शाह नहीं है, ये किताब उन लोगों के लिए जस्टिस की किताब है। हम आपको सिर्फ...

आदिवासी बच्चों के स्कूल बंद कर रही सरकार और लूट लिये आदिवासी मद के...

महाराष्ट्र में आदिवासी मद के पैसों  के  बड़े बंदरबाँट  का मामला सामने आया है. संघ प्रायोजित स्कूलों  और निजी स्कूलों के हित में सरकारी...

मुख्यमंत्री जी शराबबंदी से महिला उत्पीडन बंद नहीं होता: महिला छात्र नेता का पत्र...

रिंकी कुमारी रिंकी कुमारी भागलपुर विश्वविद्यालय में छात्र नेता हैं. संपर्क: 7250174419 माननीय मुख्यमंत्री, बिहार पिछले 5 अप्रैल 2016 से आपकी सरकार ने राज्य में पूर्ण...

अभिव्यक्ति के खतरे : क्या मोदी दूसरी इंदिरा होंगे!

अरविंद जैन आपातकालीन कार्यवाही में देश के जाने-माने बुद्धिजीवियों (लेखक-वकील-पत्रकार) की गिरफ्तारी के साथ अनेक आशंकाएँ और गंभीर सवाल आमने-सामने आ खड़े हुए हैं. क्या...

वहशी राष्ट्रवाद: अपने ही नागरिकों के खिलाफ जंग

इति शरण युवा पत्रकार. सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यकर्ता. संपर्क : ई मेल- itisharan@gmail.com देश में कुछ दिनों पहले असहिष्णुता का मामला खूब गरमाया था, जिसके विरोध...

रक्तरंजित कहानी महिला प्रतिनिधित्व की

उपेन्द्र कश्यप  (आज बिहार विधान सभा के लिए चुनाव का प्रथम चरण शुरू हुआ है. इस अवसर 2001 में मारी गई महिला मुखिया की कहानी...

राम-अल्लाह वाले फर्जी पोस्ट की कैराना-सांसद ने की पुलिस में शिकायत,जांच के आदेश

स्त्रीकाल डेस्क कैराना से नवनिर्वाचित सांसद तबस्सुम हसन ने शामली के पुलिस अधीक्षक को अपने नाम पर वायरल किये जा रहे पोस्ट के खिलाफ पत्र...

बेटियों का सवाल राज्य, मीडिया और सिविल सोसायटी से

ज्योति प्रसाद  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने मंत्री का अभी भी बेशर्म बचाव करते चुनाव के लिए लव-कुश (कुर्मी-कुशवाहा) समीकरण साधने में लगे हैं. कॉल डिटेल्स...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।