सांस्कृतिक

इस दुनिया को जितनी जल्दी हो बदल देना चाहिए

सीमा आज़ाद ये आंखें हैं तुम्हारी तकलीफ का उमड़ता हुआ समन्दर इस दुनिया को जितनी जल्दी हो बदल देना चाहिए गोरख पाण्डे की ये कविता 16 दिसम्बर से ही बार-बार जेहन...

महाराष्ट्र में बौद्ध विवाह क़ानून: नवबौद्ध कर रहे स्वागत और विरोध

संजीव चंदन महाराष्ट्र की भाजपा सरकार द्वारा हिन्दू विवाह क़ानून से अलग बौद्ध विवाह कानून बनाने की पहल 2015 से ही शुरू हो गयी थी,...

भारत माता जार-बेजार रो रही है

 प्रेमकुमार मणि चर्चित साहित्यकार एवं राजनीतिक विचारक हैं. अपने स्पष्ट राजनीतिक स्टैंड के लिए जाने जाते हैं. संपर्क : manipk25@gmail.com ( 'भारत माता की जय'...

बहुजन सांस्कृतिक आगाज : महिषासुर शहादत दिवस

बहुजन सांस्कृतिक आगाज : महिषासुर शहादत दिवस ( चिंतक और लेखक प्रेमकुमार मणि से बातचीत, जिन्होंने ' किसकी पूजा कर रहे हैं बहुजन' लेख लिखा.'...

भाजपा सरकार से अपील : फॉरवर्ड प्रेस पर पुलिस कार्यवाई और उसके संपादकों के...

( देश भर से साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फॉरवर्ड प्रेस पर हुए हमले के खिलाफ यह अपील जारी की है . यदि आप...

पाकिस्तानी इस्लाम ने ली कंदील की जान

आशीष कुमार ‘‘अंशु’ आशीष कुमार ‘‘अंशु’ देश भर में खूब घूमते हैं और खूब रपटें लिखते हैं . फिलहाल विकास पत्रिका 'सोपान' से...
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लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।