इस काण्ड में महिला है, साहित्य है, साहित्य का सम्मान है, उत्पीड़न है, स्कैंडल...

सुशील मानव  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति रतनलाल हंगलू के व्हाट्सऐप चैट और बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद इलाहाबाद में हंगामा बरपा है. मामला...

गौरी लंकेश का आख़िरी संपादकीय

कल देर शाम हिंदुत्व विरोधी पत्रकार  गौरी लंकेश की गोली मार कर हत्या कर दी गई. गौरी लंकेश एक साप्ताहिक पत्रिका 'गौरी लंकेश पत्रिके'...

उन्नीसवें भारत रंग महोत्सव में स्त्रियों की भागीदारी

मंजरी श्रीवास्तव एक लम्बी कविता 'एक बार फिर नाचो न इजाडोरा' बहुचर्चित.नाट्य समीक्षक,कई नाट्य सम्मान की ज्यूरी में शामिल. संपर्क : ई मेल-manj.sriv@gmail.com पिछले...

रक्तरंजित कहानी महिला प्रतिनिधित्व की

उपेन्द्र कश्यप  (आज बिहार विधान सभा के लिए चुनाव का प्रथम चरण शुरू हुआ है. इस अवसर 2001 में मारी गई महिला मुखिया की कहानी...

क्या सच में गिरफ्तार होगा भाजपा समर्थक पिंटो परिवार: रायन स्कूल मर्डर केस

गुडगाँव के रायन स्कूल में 7 साल के बच्चे की ह्त्या के मामले में पूछताछ के लिए हरियाणा पुलिस मुम्बई पहुँच चुकी है. इतने...

पढ़ी -लिखी उम्मीदवार के लिए अजीबोगरीब शादियां

 मुजतबा मन्नान हरियाणा में पंचायत चुनाव के लिए शिक्षा की अनिवार्यता के बाद इस सामंती , पितृसत्ताक समाज में उसकी प्रतिक्रिया भी ऐसी ही होनी...

क्या वे लड़कियां सच में निर्वस्त्र रहती थीं: पटना शेल्टर होम की आँखों देखी...

रंजना  पटना शेल्टर होम की आँखों देखी कहानी बता रही हैं रंजना  बात  तब की है जब मै हर शनिवार पटना के सुधारगृह में जाती थी...

ग्रामीण महिलाओं के श्रम का राजनीतिक अर्थशास्त्र

आकांक्षा  महात्मा  गांधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में स्त्री अध्ययन विभाग में शोधरत। संपर्क : ई मेल-akanksha3105@gmail.com महिला श्रम की बात करते समय हमारे मस्तिष्क में जो विचार...

घृणित विचारों और कृत्यों वाले पत्रकार की आत्मप्रशस्ति है यह, आत्मभंजन नहीं मिस्टर जोशी

श्वेता यादव सामाजिक कार्यकर्ता, समसामयिक विषयों पर लिखती हैं. संपर्क :yasweta@gmail.com पिछले दिनों एक किताब हाथ आई, नाम है “मैं बोनसाई अपने समय का” लेखक हैं...
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कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।