स्त्रीकाल (अक्टूबर-दिसंबर) पढ़ें नॉटनल पर

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स्त्रीकाल शोध जर्नल अंक (31)

इस अंक के लेखक: पूजा तिवारी, गंगा सहाय मीणा, डॉ. अनीता शुक्ल, महमुदा खानम, डॉ. अखिलेश गुप्ता, सुशील कुमार, स्वाति चौधरी, कंचन...

चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु ग्रन्थावली

डेस्क  स्त्रीकाल की अनुषंगी संस्था 'द मार्जिनलाइज्ड पब्लिकेशन ' की आगामी किताबों की अग्रिम बुकिंग शुरू है. आगामी तीन से चार सप्ताह में आने वाली किताबों...

जहां ईश्वर है और अन्य कविताएं (वीरू सोनकर)

वीरू सोनकर कविता एवं कहानी लेखन, विभिन्न पत्र पत्रिकाओं व ब्लाग्स पर रचनाएं प्रकाशित . संपर्क :veeru_sonker@yahoo.com, 7275302077 जहाँ ईश्वर है  प्रार्थना के पीछे पहले...

विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !

प्रमोद रंजन ( दलित -बहुजन संघर्षों और सपनों के लिए समर्पित पत्रिका का मासिक प्रिंट एडिशन बंद होने जा रहा है . जितना इस पत्रिका...

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।

स्त्री काल, अंक – 9

स्त्री काल, अंक - 9

स्त्रीकाल -अंक 8

( स्त्रीकाल के प्रिंट एडिशन का यह ८ वां अंक है . ' वैयक्तिक / राजनीतिक' विशेषांक का अतिथि सम्पादन   कवयित्री और स्त्रीवादी...

सावित्रीबाई फुले रचना समग्र

डेस्क  स्त्रीकाल की अनुषंगी संस्था 'द मार्जिनलाइज्ड पब्लिकेशन ' की आगामी किताबों की अग्रिम बुकिंग शुरू है. आगामी तीन से चार सप्ताह में आने वाली किताबों...
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लोकप्रिय

रजनी दिसोदिया की आलोचना पुस्तक का लोकार्पण

इस किताब में सलीके से कही गयी बातों को हमें कक्षाओं में लेकर जाना चाहिए। जाति के मुद्दे को पाठ्यक्रम में न लाना भी एक साज़िश है। लेखिका की दृष्टि दलित या स्त्री विमर्श तक नहीं बल्कि कहीं अधिक व्यापक है। उनकी विनम्र शैली लोगों को जोड़ने का काम करती है। इन लेखों में ताऱीख भी देनी चाहिए जिससे उनकी वैचारिक यात्रा को पाठक समझ सके। यह पुस्तक दलित चेतना को विस्तार देती है।
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