कब तक नचवाते और तालियाँ बजवाते रहेंगे हम !

( थर्ड जेंडर की पीडा के प्रति संवेदनशीलता के साथ धर्मवीर सिंह ने अस्मिता की आवाज , उसके भीतर के अंतरविरोध , साहित्य ,...

किन्नर अब ‘थर्ड जेंडर’ की तरह पहचाने जाएंगे

(‘जल,जंगल और जमीन: उलट-पुलट पर्यावरण’ नामक चर्चित पुस्तक के लेखक सरोकारी पत्रकार स्वतंत्र मिश्र का यह लेख किन्नरों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘थर्ड जेंडर’...
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