विशाखा मुलमुले की कविता ‘नदी के तीरे’ तथा अन्य कवितायेँ

विशाखा मुलमुले 1 ) रोटी , रेणुका और मैं हमारे मिलने का समय एक ही होता है अक्सर वह जब आती है मेरे घर मैं बना रही होती...

‘राजधानी’ का जन और ‘राजधानी’ का तन्त्र

मुन्नी गुप्ता राजधानी’ काव्य संग्रह कवि- अनिल पुष्कर लोकोदय प्रकाशन, लखनऊ -2019 शास्त्र लिखने के लिए शास्त्र पढ़ना जरूरी नहीं है. इसके उदाहरण हैं वे शास्त्र, जो हमारे...

होलिका दहन की क्रूरता

भारती वत्स क्या अच्छे लोगों को अधिकार है बुरे लोगों को जलाने का? क्या हम अच्छे हैं!!!! होली, एक तरंग पैदा कर देती है हर व्यक्ति में,...

‘दहेज ले लो दामाद जी’ तथा अन्य कवितायें

मधुलिका बेन पटेल 1.  संवाद झांसी की रानी सीरियल पर एक आंख गाड़े हाथ लपर लपर बेल रहे रोटियां और चल रहा संवाद 'अरे लड़ाई सरकार धोखा देगी ओनखे लखमीबाई के पते...

कई चांद थे सरे-आसमां-शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी

    अनुपम सिंह वज़ीर खानम एक औरत,एक मुहब्बत,एक मज़बूती,एक स्वाभिमान,एक फूल,एक पैगाम का नाम है।   उनकी संक्षिप्त कहानी आपके सामने है- वज़ीर खानम चौदह, पंद्रह...

सिर्फ साजिशें ( कवितायें )

मणिबेन पटेल सिर्फ साजिशें  1. वर्षों पहले कामगारों के लिए कहा था अज्ञेय ने जो पुल बनाएंगे वह अनिवार्यता पीछे रह जाएंगे ... इतिहास में बंदर कहलाएंगे ' संभलो! ऐ दुनिया के चालाक...

भारतीय सिनेमा वाया स्त्री विमर्श – तेजस पूनिया

तेजस पूनिया हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार आचार्य महावीर प्रसाद का कहना है- "साहित्य समाज का दर्पण है।" यक़ीनन साहित्य समाज का दर्पण होता है...

मीडिया में स्त्री मुद्दे(स्त्री मुद्दों को जनांदोलन बनाए मीडिया)

प्रो. आशा शुक्ला कुलपति, डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू, इंदौर, म. प्र., भारत (यह व्याख्यान दिनांक 12 जून 2020 को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता...

मीडिया में स्त्री उपभोक्ता और उपभोग

सुभाष कुमार गौतम भूमंडलीकरण के बाद स्त्री आर्थिक रूप से सम्पन्न हुई है। बाज़ार ने उसके लिए अनेक अवसर उपलब्ध कराए हैं। आज स्त्री हर...

शक्कड़ जी

पल्लवी  अपने नाम के बारे में पूछने पर शक्कड़ जी कहा करते हैं कि “नै बुझलाहा, हमर माय बड़ पुजगरी रहे. जब आपण भगवती गह्वर में...
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समकालीन स्त्री लेखन और मुक्ति का स्वरूप

रेनू दूग्गल भारतीय समाज में स्त्रियों की ऐतिहासिक स्थिति संतोषजनक नहीं रही यद्यपि वैदिक काल में स्त्रियों की सामाजिक स्थिति अत्यन्त उन्नत थी। इस काल...
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