यस पापा

अरविंद जैन स्त्री पर यौन हिंसा और न्यायालयों एवम समाज की पुरुषवादी दृष्टि पर ऐडवोकेट अरविंद जैन ने महत्वपूर्ण काम किये हैं. उनकी किताब...

आरती कुमारी की कविताएं

आरती कुमारी युवा कवयित्री, 'कैसे कह दूँ' एक काव्य संग्रह, संपर्क: sartikumari707@gmail.com 1.  स्वयं से संवाद कितना सुखद होता है अपने होने को महसूस करना और प्यार करना...

अंजुमन खाला को गुस्सा क्यों नहीं आता…

सोनी पाण्डेय प्रकाशित पुस्तकें - मन की खुलती गिरहें (कविता सग्रह) ,सारांश समय का (साझा काव्य सग्रह),विभिन्न पत्र- पत्रिका में कविताऐं..कहानी ,लेख प्रकाशित. सम्पर्क:  .pandeysoni.azh@gmail.com, सलमा का दुपट्टा...

सुधार नहीं पूर्ण बदलाव चाहेंगी महिलायें

नूर जहीर 'डिनायड बाय अल्लाह' और 'अपना खुदा एक औरत' जैसी चर्चित कृतियों की रचनाकार संपर्क : noorzaheer4@gmail.com. कॉमन सिविल कोड के संघर्ष में तीन पक्ष...

दिल्ली के कार्यक्रम से भी लेखकों ने किया किनारा: दैनिक जागरण का व्यापक विरोध

दैनिक जागरण के प्रो-रेपिस्ट पत्रकारिता से नाराज़ होकर प्रतिरोध स्वरूप उसके द्वारा दिल्ली में हर माह आयोजित किये जाने वाले दो सत्रों के साहित्यिक...

चंद्रकांत देवताले की याद में उनकी कविताएं : बाई दरद ले ले और अन्य

साठोत्तरी हिन्दी हिन्दी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर चंद्रकांत देवताले नहीं रहे. उन्हें आदरांजलि देते हुए उनकी कुछ स्त्रीवादी कविताएं:  माँ पर नहीं लिख सकता कविता  माँ...

मस्सा ( जापानी कहानी )

सुशांत सुप्रिय सुशांत सुप्रिय कथाकार, कवि और अनुवादक हैं.  दो कथा-संग्रह 'हत्यारे' (२०१०) तथा 'हे राम' (२०१२) और एक काव्य-संग्रह ' एक बूँद यह...

पितृसत्ता से आगे जहाँ और भी है

राहुल सिंह युवा आलोचक, हिन्दी साहित्य का  प्राध्यापक संपर्क : alochakrahul@gmail.com इस समय प्रचलित विमर्शों की गर थोड़ी जानकारी हो तो निश्चित तौर पर आप स्त्री...

अरमान आनंद की कवितायें

अरमान आनंद  युवा कवि,बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में शोधरत armaan.anand24@gmail.com डायन मैं हंसूंगी तुम्हारे ऊपर लगाउंगी अट्टहास आज होगी मौत मेरे हाथों तुम्हारी बनायी हुई औरत की और...

आदिवासी लेखिकाओं ने की आदिवासी महिलाओं के खिलाफ लेखन की निंदा लेकिन लेखन पर...

देश की वरिष्ठ और युवा आदिवासी महिलाओं ने एक स्वर से हांसदा सौभेन्द्र शेखर के लेखन की भर्त्सना की है जिसमें उसने आदिवासी स्त्रियों...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।