दलितस्त्रीवाद

समकालीन नारीवाद और दलित स्त्री का प्रश्न

समकालीन नारीवाद और दलित स्त्री का प्रश्न: अनिता भारती के भाषण का वीडियो देखें

स्त्रीवाद के भीतर दलित स्त्रीवाद

साभार: विस्फोट.कॉम ‘दलित स्त्रीवाद का सभी मुक्तिकामी आन्दोलनों की उपलब्धियों पर दावा है, सबके साथ अलायंस है ,सबकी सीमाओं को अहसास कराते हुए.’ यह निष्कर्ष...
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रजनी दिसोदिया की आलोचना पुस्तक का लोकार्पण

इस किताब में सलीके से कही गयी बातों को हमें कक्षाओं में लेकर जाना चाहिए। जाति के मुद्दे को पाठ्यक्रम में न लाना भी एक साज़िश है। लेखिका की दृष्टि दलित या स्त्री विमर्श तक नहीं बल्कि कहीं अधिक व्यापक है। उनकी विनम्र शैली लोगों को जोड़ने का काम करती है। इन लेखों में ताऱीख भी देनी चाहिए जिससे उनकी वैचारिक यात्रा को पाठक समझ सके। यह पुस्तक दलित चेतना को विस्तार देती है।
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