न्यायपालिका में मौजूद जातिवादी मानसिकता – अरविंद जैन

प्रो. परिमला अंबेकर अध्यक्ष, हिन्दी विभाग गुलबर्गा विश्वविद्यालय, गुलबर्गा ‘भारतीय समाज में दो तरह की संस्कृतियां मौजूद रहीं हैं, ब्राह्मणवादी और लोक संस्कृति। पहली सतावाद और यथास्थितिवाद...
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‘प्रसाद की रचनाओं में स्त्री स्वर की अभिव्यक्ति’

पूनम प्रसाद जयशंकर प्रसाद आधुनिक हिन्दी साहित्य के गौरान्वित व महान लेखक हैं।जिनके कृतित्व का गौरव अक्षुण है। उनकी प्रतिभा का निरूपण कविता, कहानी, नाटक,...
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