वेश्यावृत्ति का समुदायिकरण और उसका परंपरा बनना

राहुल  सेक्स वर्क (sex work) विशेषकर वेश्यावृत्ति (prostitution) समाज के यौनिक संगठन में ‘यौनिक आनंद’ की एक विशेषीकृत संस्था के बतौर मौजूद रहा है। वेश्यावृत्ति...

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन में महिला कलाकारों का योगदान

राकेश कलोत्तरा पी.एच.डी. शोधार्थी,संगीत विभाग,दिल्ली विश्वविद्यालय,दिल्ली . सम्पर्क:  rakeshkalotra21@gmail.comमो. 9717655412 भारतीय शास्त्रीय संगीत का इतिहास वैदिक काल से ही माना जाता है. मानव और संगीत का...

महिला सरपंच : संप्रभुता का सवाल (प्राथमिक डाटा के आधार पर महिला सरपंचों...

शंभु गुप्त / अस्मिता राजुरकर भूमिका : भारत गणराज्य के महाराष्ट्र राज्य में पंचायती राज्य विधेयक 1992 के तहत ग्रामपंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण...

‘विज्ञापनों में महिलाओं का प्रस्तुतीकरण:आर्थिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य’

उपासना गौतम पी-एच. डी शोधार्थी,महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा. सम्पर्क: sonpari2003@gmail.com प्रस्तावना लिंगाधारित व्यवस्था में खड़ी विभिन्न संस्थाओं  और उसके घटकों ने स्त्री अधीनस्थता का पूरा लाभ...

डॉ. अंबेडकर का स्त्रीवाद (एक विश्लेषणात्मक पुनरावलोकन )

अमोल निमसडकर शोधार्थी,टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान, मुंबई . संपर्क : amolnimsadkar@gmail.com,मो.7028385569 स्त्री सशक्तिकरण के प्राचीन दस्तावेजों पर नजर डालें तो हम पाते हैं कि  इसकी शुरुआत...

मध्यकालीन ब्रजभाषा काव्य और स्त्री रचनाकार

आरती रानी प्रजापति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिन्दी की शोधार्थी. संपर्क : ई मेल-aar.prajapati@gmail.com सभ्यता के प्रारम्भ से ही दलित और स्त्री दोनों...

प्रथम आधुनिक कविता ‘स्वप्न‘ में स्त्री चेतना

मीनाक्षी ‘‘19वीं सदी के भारतीय साहित्य और विशेष रूप से हिन्दी साहित्य में  स्वप्न के रचनात्मक उपयोग का उद्देश्य है नये युग की सम्भावनाओं की...

जेंडर और विज्ञान: एक नारीवादी परिप्रेक्ष्य

अतुल कुमार मिश्र महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा  में शोधार्थी है. सम्पर्क :  atulmishra.mediagroup@gmail.com Representation of the world like the world itself is the work of...

लिव-इन- संबंध एवं जातीय संरचना

विकाश सिंह मौर्य दुनिया भर के मुल्कों के बाशिंदों के लिए इक्कीसवीं सदी की शुरुआत भारी झंझावातों के साथ हुई है. इन झंझावातों की पूर्वपीठिका...

स्त्री लेखन का स्त्रीवादी पाठ

सर्वेश पांडेय सर्वेश पांडेय ने स्त्री अध्ययन में शोध किया है , अभी महिला आयोग में कार्यरत हैं . संपर्क : मोबाइल न.- 08756754651 हिन्दी...
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‘प्रसाद की रचनाओं में स्त्री स्वर की अभिव्यक्ति’

पूनम प्रसाद जयशंकर प्रसाद आधुनिक हिन्दी साहित्य के गौरान्वित व महान लेखक हैं।जिनके कृतित्व का गौरव अक्षुण है। उनकी प्रतिभा का निरूपण कविता, कहानी, नाटक,...
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