एक क्रांतिकारी की पत्नी का आत्मकथ्य

सरस्वती भट्ट  ( निजी जीवन में अराजक और स्वप्न तथा कर्म से क्रांतिकारी रहे सुरेश भट्ट बिहार आन्दोलन के भी एक प्रमुख नाम हैं ....

महिलाओं के मुद्दे (लेनिन से क्लारा जेटकिन की बातचीत की आख़िरी क़िस्त)

आज से लगभग 100 साल पहले 1920 में मार्क्सवादी स्त्रीवादी क्लारा जेटकिन ने रूसी क्रांति के विराट नेता लेनिन से यह बातचीत की थी....

विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !

प्रमोद रंजन ( दलित -बहुजन संघर्षों और सपनों के लिए समर्पित पत्रिका का मासिक प्रिंट एडिशन बंद होने जा रहा है . जितना इस पत्रिका...

कम्युनिस्ट महिलाओं, कामगार महिलाओं के विचार सर्वहारा की क्रांति पर ही केंद्रित होना चाहिए:...

आज से लगभग 100 साल पहले 1920 में मार्क्सवादी स्त्रीवादी क्लारा जेटकिन ने रूसी क्रांति के विराट नेता लेनिन से यह बातचीत की थी....
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रजनी दिसोदिया की आलोचना पुस्तक का लोकार्पण

इस किताब में सलीके से कही गयी बातों को हमें कक्षाओं में लेकर जाना चाहिए। जाति के मुद्दे को पाठ्यक्रम में न लाना भी एक साज़िश है। लेखिका की दृष्टि दलित या स्त्री विमर्श तक नहीं बल्कि कहीं अधिक व्यापक है। उनकी विनम्र शैली लोगों को जोड़ने का काम करती है। इन लेखों में ताऱीख भी देनी चाहिए जिससे उनकी वैचारिक यात्रा को पाठक समझ सके। यह पुस्तक दलित चेतना को विस्तार देती है।
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