महिला विरोधी बयान और मर्दवादी राजनीति

ये कहना गलत नहीं होगा क़ि पिछले पांच साल में शीर्ष से "मिसोजिनि" या स्त्री विरोधी संस्कृति मुख्यधारा का स्वीकृत हिस्सा बन चुकी है, मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा किसी और प्रधानमंत्री की ऐसी जबान कभी नहीं थी जब विपक्ष की सबसे बड़ी नेता जो महिला हैं उनका जिक्र तमाम मंचों से उन्होंने शालीनता की हद से बाहर जाकर किया

ईरानी महिला खिलाड़ी ने जीता पदक :देश ने दे दिया गिरफ्तारी का आदेश

सदाफ खादिम ने रोयान के वेस्टर्न टाउन में फ्रांस की 25 वर्षीय खिलाड़ी एन्ने शाविन को हराकर यह मुकाबला जीता. सदाफ खादिम के कोच के पास फ्रेंच और ईरान दोनों देश की नागरिकता है.

महिलाओं के भरोसे है खेती लेकिन मालिक हैं पुरुष

महिलाओं के लिए श्रम विभाजन महज लैंगिक ही नहीं है, बल्कि जातीय भी है। हमने अध्ययन के दौरान पाया कि तमाम इलाकों में यह बात समान है कि आम तौर पर ऊंची जाति की महिलाएं या फिर मध्यम या बड़े जोत वाले आकार के परिवार की सभी जाति की महिलाएं खेतों में काम नहीं करतीं। अन्य पिछड़ी जातियों में भी ऊपरी पायदान पर आनेवाली जातियों की महिलाएं आम तौर पर खेतों में काम नहीं करतीं। एक तरह से यह मान्यता बन गयी है कि खेती में गरीब और सामाजिक पायदान पर नीचे आनेवाली जातियों की महिलाएं ही काम करती हैं।

गांधी के ब्रह्मचर्य-प्रयोग की क्रूरता

अरुंधति राय/ अनुवाद: अनिल यादव 'जयहिंद', रतनलाल यह हिस्सा राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित अरुंधति रॉय की किताब '...

मध्यवर्गीय कामकाजी स्त्रियों के कशमकश भरी जिंदगी की कविताएं !

विनीता परमार की कवितायेँ आधुनिक कामकाजी महिलाओं की परिस्थितियों को, रोज -रोज की उनकी समस्याओं को बहुत बारीकी और तीक्ष्णता के साथ अपनी कविताओं के माध्यम से उठाती हैं. पर्यावरण विषय से पीएचडी कवयित्री ने अपनी इन कविताओं में भले ही प्रकृति का वर्णन नहीं दिखत पर सूक्ष्म रूप में यह आधुनिक जीवन की खोखली और फीकी चकाचौंध और उसमे कामकाजी स्त्रियों के बनावटी मुस्कान की मज़बूरी का बेहद सशक्त चित्र उभारती है.

बच्चियों का यौन शोषक एक हाई प्रोफाइल प्राइवेट ट्यूटर

मुझे याद है मुझे हमेशा बड़ों की इज़्ज़त करना सिखाया गया। 'बड़े हैं' यह कहकर यह उन्हें गैर जरूरी सम्मान दिया जाता है। हमारे माता पिता ने हमें अजनबियों से कुछ भी लेने से मना किया, जिन लड़कों से हम मिलते थे, उनसे सावधान रहने को कहा, लेकिन जिस व्यक्ति ने मेरा बचपन छीन लिया वह व्यक्ति वो था जिस पर मेरे माता पिता ने मुझे पढ़ाने के लिए भरोसा किया। मैं गणित में हमेशा से कमजोर थी और मुझे अच्छा ग्रेड चाहिए था, इसके लिए वह आया था - सफेद पूरी बाँह की शर्ट, फॉर्मल पैंट, अजीब सी मुस्कान और चोरों वाली चाल ढाल।

सिमोन द बोउआर के 10 कथन

जिस दिन औरत अपनी कमजोरियों से नहीं बल्कि अपनी ताकतों से प्यार करना जान लेगी, जिस दिन वो खुद से भागना छोड़, खुद की तलाश में निकल निकल जाएगी, अपना मान करना और पूरे दावे के साथ अपनी बात रखना जान पाएगी, उस दिन से प्यार पर उसका भी उतना ही हक़ होगा, जितना किसी मर्द का और उसी दिन से प्यार उसके लिए खतरा नही बल्कि उसकी ज़िंदगी होगा.

शक्ति स्वरूपा नहीं मानवी समझने की जरूरत

मंथन करते हुए पाती हूँ कि अब वक्त आ चुका है कि औरतें छाती कूट विलाप छोड़ ,हसिया लहराते राजनीति के मैदान में उतरें बिना किसी क्षेत्र में समानता का अधिकार पाने से रही।मैं और मेरे सवाल देश के आमोखास महिलाओं तक पहुँचे और शुरू हुआ मंथन महिला मुद्दों पर।

पोर्न के आइने में सामाजिक-सांस्कृतिक चेहरा: क़िस्त एक

शोध के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सबसे पहले हमारा यह सुनिश्चित करना जरूरी था कि यह सामग्री सीधे पोर्न वेबसाइट्स से हम तक नहीं पहुंची, और न ही इसे लोगों द्वारा निष्क्रिय रूप से केवल देखा भर जा रहा है, बल्कि यह व्हाट्सएप पर आपस में व्यापक रूप से साझा की जा रही सामग्री में से है और इस पर सदस्यों द्वारा लम्बी चर्चायें, रायशुमारी व लाइक्स जारी हैं।

महाराष्ट्र की ये महिलायें अपना गर्भाशय निकालने को क्यों हैं मजबूर (!)

गन्ना काटने वाले ठेकेदार उन महिलाओं को काम पर रखने के लिए तैयार नहीं हैं जिनकी माहवारी नियमित होती है. इसीलिए इस इलाके...
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