सामूहिक नसबंदी के कारण भारतीय स्त्रियों की मौतें: लुटे हुए विकल्प व स्त्री गरिमा

 ( बिलासपुर में नसबंदी के कारण महिलाओं की मौत के कारणों की पड़ताल के लिए चार महिला -स्वास्थ्य संगठनों ने संयुक्त रूप से एक...

मातृ-मृत्यु का नियंत्रण महिला -स्वास्थ्य का जरूरी पहलू : चार्म

डाॅ. शकील-उर-रहमान ( कल बिहार में नालंदा सहित अन्य जिलों के विधानसभाओं में मतदान होने जा रहा है. पिछले दो चरणों में महिला मतदाताओं ने...

भारत में दलित स्त्री के स्वास्थ्य की स्थितियां और चुनौतियाँ

संदीप कुमार मील समाज के किसी भी तबके की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के निर्माण में उसके स्वास्थ्य की स्थितियाँ बहुत निर्णायक भूमिकाएँ...

मासिक धर्म : आखिर चुप्पी कब तक ?

सुनीता धारीवाल सामाजिक कार्यकर्ता . ब्लॉगर , कानाबाती ब्लॉग की मोडरेटर. सभी जीवो की मादाएं अपनी  प्रजनन क्षमता के कारण अपने अपने समाज में  उच्च...

महावारी से क्यों होती है परेशानी

आरती रानी प्रजापति  महावारी हर स्त्री के 10-14 की आयु में शुरू होने वाला नियमित चक्र है| जिसमें स्त्री की योनि से रक्त का स्त्राव...

महाराष्ट्र की ये महिलायें अपना गर्भाशय निकालने को क्यों हैं मजबूर (!)

गन्ना काटने वाले ठेकेदार उन महिलाओं को काम पर रखने के लिए तैयार नहीं हैं जिनकी माहवारी नियमित होती है. इसीलिए इस इलाके...

गर्भवती महिलायें कर सकती हैं मांसाहार और सेक्स: विशेषज्ञों की राय

स्त्रीकाल डेस्क  एक ओर जहाँ भारत में मातृ मृत्यू दर बहुत ज्यादा है वहै, वहीं भारत सरकार के आयुष मंत्रालय (जो आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक...

पुरुषों के पोर्न देखने की आदत का एक अध्ययन: आख़िरी क़िस्त

सक्रिय यौनशिक्षा द्वारा एक ओर जहाँ पुरुषों को उनकी अतिरंजित व हानिकारक कामकल्पनाओं को नियंत्रण में करना सिखाना होगा, वहीं स्त्रियों को अपने सहमी हुई कूपमंडूक स्थिति से बाहर निकलना। इन दोनों विपरीत ध्रुवों के बीच ही कहीं हम एक सधा हुआ संतुलन-बिन्दु खोज पाने की आशा रख सकते हैं यदि इस लक्ष्य को कुशल व संवेदनशील सोशल इंजीनियरों का साथ मिल सके।

सैनिटरी नैपकिन जीएसटी मुक्त: महिलाओं की मुहीम ने लाया रंग

स्त्रीकाल डेस्क  केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं.  मनीष सिसोदिया सहित अलग-अलग...

उस पेड़ पर दर्जनो सैनिटरी पैड लटके होते थे

संजीव चंदन  स्त्रियों के लिए माहवारी को टैबू बनाया जाना सामाजिक-सांस्कृतिक प्रक्रिया है. इसे गोपनीय,  टैबू और लज्जा का विषय बनाने में यह प्रक्रिया न...
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स्त्रीकाल ऑनलाइन शोध पत्रिका का आख़िरी अंक है. इसके बाद हम सिर्फ प्रिंट अंक ही प्रकाशित करेंगे. जिसमें हम वैसे ही आलेख...
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