महिला मताधिकार पर बहस : सन्दर्भ बिहार विधान परिषद ( १९२१ , १९२५, १९२९...

डा मुसाफिर बैठा डा मुसाफिर बैठा कवि और सामाजिक -सांस्कृतिक विषयों के चिन्तक हैं . सम्प्रति बिहार विधान परिषद् में कार्यरत हैं. संपर्क : 09835045947,...

असीमित व्यभिचार का कानूनी दरवाजा: बहन के नाम वकील भाई की पाती

अरविंद जैन  व्यभिचार की धारा 497 पर बहस पूरी होने के बाद सुप्रीमकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. पढ़ें इस धारा के असर पर स्त्रीवादी...

एचएमटी-सोना धान की खोज करने वाले दलित किसान का परिनिर्वाण

स्त्रीकाल डेस्क  एक छोटे से प्लाट पर एचएमटी-सोना सहित धान की विविध किस्मों के आविष्कार कर्ता दलित किसान दादाजी रामजी खोबरागड़े ने महाराष्ट्र के शोधग्राम के...

धारा 377 की मौत और पितृसत्तात्मक विमर्श पद्धति

जया निगम  जेंडर से जुड़े बहुत सारे कानूनी मसलों पर भारत में चल रही कानूनी लड़ाईयों पर पितृसत्तात्मक बुद्धिजीवियों का विश्लेषणात्मक रवैया कुछ ऐसा है...

समलैंगिकता को मिली सुप्रीम मान्यता: अंतरंगता निजी मामला

राजीव सुमन  नई दिल्ली, 6 सितम्बर : समलैंगिकता की धारा 377 को लेकर चल रहे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना अहम फैसला सुना...

मुजफ्फरपुर बलात्कार मामले में मीडिया रिपोर्टिंग बैन के खिलाफ स्त्रीकाल संपादकीय सदस्य निवेदिता पहुँची...

राजीव सुमन   5 सितम्बर 2018 को सर्वोच्च न्यायालय में पटना उच्च न्यायलय द्वारा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम-बलात्कार मामले की जांच से सम्बंधित मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिबन्ध-आदेश  को...

मुजफ्फरपुर यौन-शोषण मामले में जांच की धीमी गति: सुप्रीम कोर्ट करेगा निगरानी, हटाया मीडिया...

सुशील मानव  बिहार के मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में बच्चियों से बलात्कार के मामले में जांच की गति और दिशा असंतोषजनक है. सुप्रीम कोर्ट को...

यौन हिंसा और न्याय की मर्दवादी भाषा : तीसरी किस्त

अरविंद जैन स्त्री पर यौन हिंसा और न्यायालयों एवम समाज की पुरुषवादी दृष्टि पर ऐडवोकेट अरविंद जैन ने मह्त्वपूर्ण काम किये हैं. उनकी किताब...

शादी का झूठा आश्वासन यौन शोषण

अरविंद जैन स्त्री पर यौन हिंसा और न्यायालयों एवम समाज की पुरुषवादी दृष्टि पर ऐडवोकेट अरविंद जैन ने मह्त्वपूर्ण काम किये हैं. उनकी किताब...

महिला अधिकारः वैधानिक प्रावधान

साधना गुप्ता  राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय, झालावाड़ मे कार्यरत. संपर्क : [email protected] स्त्री मातृत्व के बोझ तले दब कर धीरे.धीरे घर की चारदीवारी तक सीमित होती गई। परिणामतः...
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