सखी का सखी को प्रेम पत्र: खुल गई बेडियां!

यशस्विनी पाण्डेय प्यारी सखी , वैसे तो आमतौर पर मै पत्र लिखते हुए कोई संबोधन नहीं देती, क्योंकि ये मेरा पत्र लिखने का अपना आइकॉन है....

समलैंगिकता को मिली सुप्रीम मान्यता: अंतरंगता निजी मामला

राजीव सुमन  नई दिल्ली, 6 सितम्बर : समलैंगिकता की धारा 377 को लेकर चल रहे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना अहम फैसला सुना...

मुजफ्फरपुर बलात्कार मामले में मीडिया रिपोर्टिंग बैन के खिलाफ स्त्रीकाल संपादकीय सदस्य निवेदिता पहुँची...

राजीव सुमन   5 सितम्बर 2018 को सर्वोच्च न्यायालय में पटना उच्च न्यायलय द्वारा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम-बलात्कार मामले की जांच से सम्बंधित मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिबन्ध-आदेश  को...

जांच और एसपी के ट्रांसफर से असंतुष्ट कोर्ट ने सीबीआई को लताड़ा: मुजफ्फरपुर शेल्टर...

स्त्रीकाल डेस्क मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में बच्चियों से बलात्कार मामले में सीबीआई जांच की प्रगति से असंतुष्ट हाई कोर्ट ने आज सीबीआई को जमकर...

असीमित व्यभिचार का कानूनी दरवाजा: बहन के नाम वकील भाई की पाती

अरविंद जैन  व्यभिचार की धारा 497 पर बहस पूरी होने के बाद सुप्रीमकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. पढ़ें इस धारा के असर पर स्त्रीवादी...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-दायें-बायें-केंद्र, हर जगह हो रहा बलात्कार: इस बीच यूपी के हरदोई...

सुशील मानव  मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि देश भर में...

बच्चियों से बलात्कार मामले में हाई कोर्ट मॉनिटरिंग को तैयार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का...

सुशील मानव  मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में बलात्कार के मामले में सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चौतरफा घिरते जा रहे हैं, विपक्ष के भाजपा सांसद...

ये बच्चियां वंचित वर्ग की हैं, शायद इसीलिए आपकी आत्मा सोयी हुई है

अलका वर्मा  मुजफ्फरपुर में बच्चियों से बलात्कार मामले में पटना हाई कोर्ट में पीआईएल करने वाली और उसकी कानूनी  पैरवी करने वाली एडवोकेट अलका वर्मा...

एचएमटी-सोना धान की खोज करने वाले दलित किसान का परिनिर्वाण

स्त्रीकाल डेस्क  एक छोटे से प्लाट पर एचएमटी-सोना सहित धान की विविध किस्मों के आविष्कार कर्ता दलित किसान दादाजी रामजी खोबरागड़े ने महाराष्ट्र के शोधग्राम के...

अध्यादेश: बचपन से बलात्कार की सज़ा उम्र कैद या फाँसी!

देखने और सुनने में महिला-पक्षधर लगने वाला नया कानून- यानी बच्चियों से बलात्कार के मामले में फांसी मूलतः पितृसत्तात्मक और स्त्री विरोधी है-खासकर उस...
249FollowersFollow
539SubscribersSubscribe

लोकप्रिय

भवसागर के उस पार मिलना पियारे हरिचंद ज्यू

इस उपन्यास को लिखते हुए मनीषा को बार—बार यह डर सताता रहा कि कभी मैं मल्लिका के बहाने हरिचंद ज्यू का जीवन ही न दोहरा दूं। निश्चित रूप से इस उपन्यास का लेखन मनीषा कुलश्रेष्ठ के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था लेकिन उन्होंने जिस तरह इस उपन्यास में संतुलन कायम किया है, वह पाठकों के लिए हैरानी की बात है। मल्लिका बालविधवा थी और काशी अपनी मुक्ति की खोज में आई थी। उसे क्या मालूम था कि बनारस में न केवल भारतेंदु से उसका परिचय होगा बल्कि उनके प्रेम में वह डूब जाएगी।
Loading...