मेरे हमदम मेरे दोस्त ( दूसरी किस्त ) : रजनी दिसोदिया

रजनी दिसोदिया कहानी कार मुकेश मानस की कहानियों को पढ़ने के बाद स्त्री के पक्ष में स्थितियाँ चाहे बहुत बेहतर न हों पर यह उनकी...

केरल के महान दलित नायक ‘अय्यन काली’

बाबू राज के नायर दलितों के उद्धार की बात आते ही केरल के एक महान समाज सुधारक की याद ताजा हो आती हैं। अस्पृश्य मानकर...

अभिशप्त जीवन की व्यथा-कथा  

उमा मीना  स्त्री-पुरुष दोनों ही जीवन का सृजन कर पीढ़ियों को आगे बढ़ाते हैं इसलिए सामाजिक संरचना में दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका  हैं l लेकिन...

‘चलत मुसाफ़िर’ भारतीय संस्कृति से रूबरू कराता एक मंच

क्या है चलत मुसाफिर एक प्लेटफोर्म है, उन सभी लोगों के लिए जिनके अंदर घूमक्कड़ी वाला बड़ा कीड़ा है। जो फेसबुक पर 'इफ ट्रैवेलिंग वॉज...

विदर्भ के किसानों के लिए बड़ा कदम :फसल-वितरण केंद्र खोलेगा हिन्दी विश्वविद्यालय

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय जहाँ सावित्री बाई फुले के नाम का एक छात्रावास बना हुआ है और वहाँ उनके संबंध में कुछ पढ़ाई...

माई साहब (सविता अम्बेडकर) पीठ की स्थापना

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय माई साहेब यानी सविता अम्बेडकर के नाम पर एक पीठ की स्थापना करने जा रहा है। ऐसा खुलासा पहली...

धारा 370 हटाये जाने की विरोधी भारतीय मूल की महिला अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद की...

भारतीय मूल की कमला हैरिस जो डेमोक्रेट्स पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं, वह पहली अश्वेत महिला होने के साथ-साथ भारतीय...

हिमा दास: बहुजन समाज में लड़कियों के खेल-उत्साह और उत्सव की प्रतीक

हिमा चूँकि असम प्रदेश से आती है इसलिए उनके परिवेश की सामाजिक संरचना को जानना भी जरुरी है। पूर्वोत्तर भारत का समाज स्त्रियों के प्रति हिन्दुत्ववादी समाज की तरह कठोर नहीं रहा है। पूर्वोत्तर भारत खासतौर पर जनजातीय समाजों और उसके जैसी ही संरचना वाले बहुजन समाज में लड़की की खेल-कूद में भागीदारी को हीन नजरिये से नहीं देखा जाता बल्कि उसे एक उत्सव और जीवन जीने के नजरिये के रूप में देखा जाता है।

कविता का जोखिम: मियां कविता के विशेष सन्दर्भ में

आखिर कौन हैं ये मियां- मियां, मुस्लिम समुदाय में लोगो को सम्मान पूर्वक संबोधित करने वाला एक शब्द है. जैसे बंगाल में बाबु मोशाय या अंग्रेजी में जेंटलमैन. पर, असम में बंगाली मूल के मुसलमानों को पहचान के लिए अपमानजनक रूप में मियां शब्द से बुलाया जाता है. “अहमद मियां है”, असम में इस वाक्य को कहने का तात्पर्य हुआ कि अहमद बंगाली मूल का मुसलमान है.

मध्यवर्गीय जीवन से संसद की यात्रा तक: भूतपूर्व केन्द्रीय मंत्री रीता वर्मा

राजनीति के क्षेत्र में आने के बाद कई तरह के विचार मुझे कौंधते रहे। संसद का समाजशास्त्र क्या है, संसद में, सेंट्रल कक्ष में समितियों में और गलियारों में। क्या पुरुष महिला सांसदों को महिला के रूप में ही देखते हैं या सांसद के तौर पर। प्रश्न आज भी अनुत्तरित है। सार्वजनिक जीवन पुरुषों की दुनिया है, इसके साथ हमें विवाह करना होता है। एक पारदर्शी स्पेस और संसदीय एजेण्डे में समान भागीदारी आज की एक चुनौती है।
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‘प्रसाद की रचनाओं में स्त्री स्वर की अभिव्यक्ति’

पूनम प्रसाद जयशंकर प्रसाद आधुनिक हिन्दी साहित्य के गौरान्वित व महान लेखक हैं।जिनके कृतित्व का गौरव अक्षुण है। उनकी प्रतिभा का निरूपण कविता, कहानी, नाटक,...
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