संभोग के लिए हिंसक शब्दावली: पितृसत्तात्मक शक्ति संरचना में असामान्य शब्दों का सामान्यीकरण

"पितृसत्ता में चोदना (Fucking) एक ऐसी क्रिया है जिसे दूसरे के लिए निम्नतम गाली की तरह इस्तेमाल किया जाता है और अपने लिए अधिकतम सुख के लिए."

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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“आपसी सरगोशियों से लेकर रोजमर्रा के सामान्य बातचीत और लड़ाई-झगड़े में ‘फकिंग’ ( आम बोलचाल में चोदना) शब्द जिस सहजता से इस्तेमाल होता है, क्या यह वाकई सामान्य और सहज है? जया निगम अपने ‘फेसबुक पोस्ट’ से इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर गंभीरता से विचार करती हैं. इस पोस्ट के जरिये वे इस बात की तरफ मजबूत इशारा करती करती हैं कि (आम बोलचाल) निजी और सार्वजनिक स्पेश में ‘फकिंग’ शब्द का प्रयोग सुनने वाले के लिए कितना क्रूरतापूर्ण और असहज कर देनेवाला अनुभव होता है.
जया अपने पोस्ट के जरिये इस प्रकार के शब्दों के पीछे के वर्ग चरित्र और शक्ति संरचनात्मक पहलू की ओर भी इशारा करती हैं जहाँ सुनने और सुनाने वाले के बीच शक्ति संबंध होता है और सुनाने वाले की आर्थिक सामाजिक हैसियत सुनने वाले से मजबूत होती है. हालाँकि यह पूरी तरह से सच नहीं है. कभी-कभी कमजोर वर्ग भी प्रतिरोध के प्रतीक के तौर पर इस शब्द का इस्तेमाल करता है.”

-अंजलि कुमारी

पितृसत्ता में चोदना (Fucking) एक ऐसी क्रिया है जिसे दूसरे के लिए निम्नतम गाली की तरह इस्तेमाल किया जाता है और अपने लिए अधिकतम सुख के लिए.

 

चोदने (Fucking) में सेक्स को किसी के शरीर से नोच लेने या छीन लेने या परिष्कृत भाषा में कहें तो हासिल कर लेने का जो भाव है वो पूरी दुनिया में एक जैसा है.
इस अंतरंग क्रिया के लिए हिंदी में सहवास या संभोग जैसे शब्द भी बने हैं पर वो किताबी शब्दावली है क्योंकि इन शब्दों में वो भाव ही नहीं है जो सेक्स को लोक में प्रचलित नजरिए से प्रकट करे, लोक में जो भाव है उसके लिए हिंदी में ठीक ठीक यही शब्द याद आता है, शायद अन्य बोलियों में ऐसे और भी शब्द प्रचलन में होंगे पर इंग्लिश में इसका परिष्कृत शब्द इंटरकोर्स होगा.
पूरी दुनिया के पुरुष जब सेक्स के बारे में बात करते है तो कितने इंटरकोर्स का इस्तेमाल करते हैं जबकि fucking लगभग हर हॉलीवुड फिल्म में सुनने को मिल जाता है.
बहुत लोगों ने कल ये पूछा कि इस शब्द पर पोस्ट डाले जाने का मकसद क्या है, मेरा उनसे सवाल है कि जो शब्द सुनने में रोजमर्रा के हो चुके हैं उनके बारे में लिखा जाना या बात किया जाना उन्हें इतना बुरा क्यों लग रहा है!
मेरी वॉल पर सिर्फ पवित्र और सुसंस्कृत मुद्दे उठाए जायेंगे ऐसा कोई वादा अपने फेसबुक दोस्तों से मैने कभी नहीं किया.
प्रतीकात्मक तस्वीर

स्थिति 1:

आपसे अपने कार्यस्थल या कहीं बाहर या घर पर कोई गलती होती है और आपका बॉस या घर का कोई बुजुर्ग आदमी आपको बक्चोद, कंचोद, जैसे शब्द नियमित तौर पर बोलता हो (जिनमे मां बहन संग साथ के लिए न लगे हों) तो आपको ठीक ठीक क्या महसूस होता है!!
  1. अपमान
  2. यही दुनिया है
  3. अपनी हीन स्थिति
  4. मज़ाक/व्यंग्य
  5. उत्तेजना
  6. इनमे से कुछ नहीं
  7. कुछ और
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स्थिति 2:

आप बिस्तर पर अपनी बीवी के साथ हैं या ऐसी किसी स्त्री/पुरुष के साथ जिसकी आर्थिक हालत आपसे कमजोर है (गर्लफ्रेंड, सेक्स के लिए खरीदी गई स्त्री, वन नाइट स्टैंड पार्टनर) और वो आपके चोदने वाले उत्तेजक वाक्य के संदर्भ में जब कोई जवाब नहीं देती या आपको fuck you baby/man/ तेरी तो आज ले के रहूंगी टाइप जवाब नहीं देती तो आपको क्या लगता है, उसे कैसा महसूस होता है?
1. अपमान
2. यही दुनिया है
3. मज़ाक/व्यंग्य
4. अपनी हीन स्थिति
5. उत्तेजना
6. इनमे से कुछ नहीं
7. कुछ और
इन दोनो परिस्थितियों में एक समानता है कि fuck you/fuck off/ चोद दिया आज टाइप डायलॉग मारने वाला व्यक्ति आर्थिक, सामाजिक रूप से, सुनने वाले के मुकाबले पावरफुल स्थिति में है.