आरक्षण के भीतर आरक्षण : क्यों नहीं सुनी गई आवाजें : छठी क़िस्त

 महिला आरक्षण को लेकर संसद के दोनो सदनों में कई बार प्रस्ताव लाये गये. 1996 से 2016 तक, 20 सालों में महिला आरक्षण बिल पास...

कल्पना पटोवारी द्वारा गाया गया और नवल कुमार द्वारा लिखित गीत कॉमनवेल्थ गेम्स में...

अागामी 4-15 अप्रैल के बीच अस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट शहर में कॉमनवेल्थ गेम्स के समारोह में प्रतियोगिता में शामिल सभी देशों की ओर से...

मंत्री मंजू वर्मा ने दिया इस्तीफा: दवाब के आगे झुके नीतीश कुमार

स्त्रीकाल डेस्क  बिहार के समाज कल्याण मंत्री ने मुजफ्फरपुर बालिका यौन गृह में अपने पति का नाम उछलने के बाद आज मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे...

सत्ता में भारतीय महिलाओं की उपस्थिति: सामर्थ्य, सीमाएँ एवं संभावनाएँ

अन्तरराष्ट्रीय मंचो पर महिला प्रश्न पर चली आ रही बहस और आन्दोलन का अपना एक लम्बा इतिहास रहा है। पूरे विश्व में विधायिकाओं में सिर्फ 10.5 प्रतिशत महिलाएँ हैं और मंत्री पद पर सिर्फ 6 प्रतिशत महिलाएँ है। हमारे देश की स्थिति हमारे पड़ोसी देशों से भी बदतर है। हमारे देश में भी महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का प्रश्न अचानक ही उत्पन्न नहीं हुआ। 1947 में महिलाओं की स्थिति के संबंध में तैयार हुई रिपोर्ट में एक पूरा अध्याय ही महिलाओं की राजनीतिक स्थिति के बारे में था और इसमें विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया गया था कि महिलाओं की खराब स्थिति के लिए उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति के साथ ही उनकी राजनीतिक स्थिति भी जिम्मेदार है और इससे उबरने के लिए विधायक निकायों में आरक्षण के बारे में कहा गया था.

दिल्ली सरकार के खिलाफ आगे आये रंगकर्मी: मनीष सिसोदिया सवालों से बचते नजर आये

रंगकर्मियों के प्रदर्शन कभी-कभी के ही दृश्य होते हैं. रंगकर्म की अस्मिता और उसकी स्वायत्तता बचाये रखने के लिए रंगकर्मियों के एक समूह ने...

एबीवीपी-सदस्य की आत्मग्लानि:पत्र से खोला राज, कहा रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या थी ...

शिवसाईं राम / अनुवादक :पूजा सिंह  हैदराबाद  विश्वविद्यालय में एबीवीपी के सदस्य रहे शिवसाईं राम बता रहे है कैसे हुई थी रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या की साजिश.पत्र लिख कर  एबीवीपी की...

जाति, जेंडर और क्लास दलित स्त्रीवाद की धूरि

( काफी दिनों तक स्त्रीकाल का अपडेट नहीं हुआ. हम फिर से सक्रिय हैं. पुनः शुरू करते हुए स्त्रीकाल, साउथ एशिया वीमेन इन मीडिया, सेंट्रल यूनिवर्सिटी...

महिला विधायक पुरुष विधायकों से विकास करने में 21 ही साबित होती हैं!

यूं तो विकास की बागड़ोर पूरी दुनिया में पुरुषों के हाथों में हैं, लेकिन शोध बताते हैं की विकास के मामले में...

यूपी का देवरिया भी बना मुजफ्फरपुर: संचालिका और उसका पति गिरफ्तार

स्त्रीकाल  डेस्क  बिहार के मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में बच्चियों के साथ हुए रेप के खुलासे और उसपर हो रहे प्रतिरोध के बीच उत्तर प्रदेश...

औरत के मुंह में पेशाब करने और उसकी वजाइना में सिगरेट बुझाने में कौन...

यह अश्लीलता नहीं हिंसा है, वह भी क्रूरतम प्रकृति की  पूजा सिंह  कई भारतीय फेसबुक यूजर सोमवार सुबह उस समय हक्के-बक्के रह गये जब एक के...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।