साहित्यिक मतदाता की खुली चिट्ठी : केजरीवाल सर, लिखवायें किताब की कुंजी ‘सफरनामा कितना...

आदरणीय अरविंद जी यह पत्र जो सार्वजनिक लिख रहा हूँ, उसे हिन्दी अकादमी के उपाध्यक्ष और दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर परऑफिसियली भी भेजूंगा.  सार्वजनिक...

बच्चियों का यौन शोषक एक हाई प्रोफाइल प्राइवेट ट्यूटर

मुझे याद है मुझे हमेशा बड़ों की इज़्ज़त करना सिखाया गया। 'बड़े हैं' यह कहकर यह उन्हें गैर जरूरी सम्मान दिया जाता है। हमारे माता पिता ने हमें अजनबियों से कुछ भी लेने से मना किया, जिन लड़कों से हम मिलते थे, उनसे सावधान रहने को कहा, लेकिन जिस व्यक्ति ने मेरा बचपन छीन लिया वह व्यक्ति वो था जिस पर मेरे माता पिता ने मुझे पढ़ाने के लिए भरोसा किया। मैं गणित में हमेशा से कमजोर थी और मुझे अच्छा ग्रेड चाहिए था, इसके लिए वह आया था - सफेद पूरी बाँह की शर्ट, फॉर्मल पैंट, अजीब सी मुस्कान और चोरों वाली चाल ढाल।

नरसंहारों का स्त्रीपक्ष

संजीव चंदन बिहार के जहानाबाद कोर्ट ने सेनारी नरसंहार (जहां सवर्ण जाति के लोग मारे गये थे) के मामले में अपना निर्णय सुनाया है. कई...

स्त्री-पुरुष अलग-अलग प्रांत नहीं

डॉ. आरती   संपादक , समय के साखी ( साहित्यिक पत्रिका ) संपर्क :samaysakhi@gmail.com तेजाब हिंसा से संबंधित खबरों के शीर्षकों की बानगी देखिए- ....

अपनी -अपनी वेश्यायें : सन्दर्भ : जे एन यू सेक्स रैकेट

संजीव चंदन प्रोफ़ेसर अमिता सिंह , सोचता हूँ कि आपकी 'जे एन यू सेक्स रैकेट वाली रिपोर्ट'  पर क्या कहूं. आजकल चिट्ठियाँ लिखने का चलन...

महिला पत्रकार की हत्या: पनामा लीक की खबर से दुनिया भर में पैदा किया...

माल्टा की एक खोजी पत्रकार  17 अक्टूबर को अपनी कार में एक बम विस्फोट से मारी गयी. डेफने कारुआना गैलिज़िया नामक पत्रकार ने लीक...

क्रांति के अग्रदूत का जाना: लाल सलाम कामरेड

गुंजन सिंह शोधार्थी,मानवविज्ञान विभाग, हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा . संपर्क :gunjansingh070@gmail.com हमारे समय के सर्वाधिक लोकप्रिय क्रांतिकारी नायक फिदेल कास्त्रो का निधन पूरी मानवता के लिए...

लेखकीय नैतिकता और पाठकों से विश्वासघात!

सुधांशु गुप्त   'मेरे विश्वासघात' (हंस 2004) के लेखक रामशरण जोशी की अनैतिक, एक और विश्वासघात से भरी आत्मकथा 'मैं बोनसाई अपने समय का बोनसाई' राजकमल...

कंडोम , सनी लियोन और अतुल अंजान की मर्दवादी चिंता

दरवाजे पर धीमे बदलावों की थाप                                      ...

क्यों महिला विरोधी है दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाना?

ज्योति प्रसाद  शोधरत , जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय. सम्पर्क: jyotijprasad@gmail.com हाल ही में दिल्ली मेट्रो का किराया फिर से बढ़ा दिया गया है। इस बीच...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।