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स्त्रीकाल द्विमासिक ई जर्नल (शोध), अंक 26 (अक्टूबर -नवंबर, 2017)

स्त्रीकाल द्विमासिक ई जर्नल (शोध), अंक 26 (अक्टूबर -नवंबर, 2017) (संशोधित) by Streekaaleditor on Scribd

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कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।