प्रिंट त्रैमासिक

स्त्रीकाल -अंक 8

( स्त्रीकाल के प्रिंट एडिशन का यह ८ वां अंक है . ' वैयक्तिक / राजनीतिक' विशेषांक का अतिथि सम्पादन   कवयित्री और स्त्रीवादी...

स्त्रीकाल : स्त्रीवादी चिंतन का आर्काइव

नूतन यादव नूतन यादव दिल्ली विश्वविद्यालय  में पढ़ा रही  हैं. फेसबुक पर सक्रीय स्त्रीवादी टिप्पणीकार हैं. संपर्क  :09810962991  ( स्त्रीकाल , स्त्री का समय...

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कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।