सृजन की ताक़त रखने वाली महिलाओं से दुनिया की संस्कृतियाँ क्यों डरती हैं !

राजीव सुमन रजस्वला होने की उम्र की महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में के प्रवेश-निषिद्ध के संदर्भ...

माहवारी में हिमाचली महिलाएं नारकीय जीवन को मजबूर!

टीना हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है लेकिन फिर भी भले ही बदलते युग में समाज महिलाओं और...

माहवारी में हिमाचली महिलाएं नारकीय जीवन को मजबूर!

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को मासिक धर्म होने पर घर से बाहर रहना पड़ता है और पशुशाला में जानवरों के साथ रातें बितानी पड़ती हैं। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान अपना समय पशुशाला में ही बिताना पड़ रहा है।

‘लड़की के शरीर पर मेरा चेहरा था, वो कपड़े उतार रही थी और मैं...

पत्रकार राणा अयूब ने हाल में खुलासा किया कि वह एक भयंकर अश्लील वीडियो के हमले का शिकार हुईं. उनका पोर्न बनाकर वायरल करने...

तुम्हारी माँ भी छेड़छाड़ की शिकार हुई, बेटों तुम्हें जानना चाहिए औरत की देह...

स्त्रीकाल डेस्क  विश्व मुक्केवाजी चैम्पियनशिप में छठा स्वर्ण पदक जीतने वाली मैरी कॉम ने अपने साथ हुई यौन हिंसा और नस्लीय उत्पीड़न के बारे में...

‘यौन हिंसा के सन्दर्भ में लज्जित करने की रणनीति’ (यशपाल के झूठा-सच में)

पल्लवी  ‘भीड़ के बीचों बीच नीलाम करने वाला एक जवान लड़की को चुटिया से खींचकर खड़ा किये था. लड़की के शरीर पर कोई कपड़ा ना...

तनुश्री के खिलाफ राखी सावंत और सबरीमाला-आंदोलन की महिलाओं के खिलाफ भक्तिनें

जया निगम  सबरीमाला मामले में ये जो धर्म के अंदर वालों को ही तय करने का हक होना चाहिये, वाला तर्क है, ये भारतीय आर्थिक...

लहू की अपवित्रता को संवैधानिक झटका: सबरीमाला मंदिर में महिलाएं कर सकती हैं प्रवेश

स्त्रीकाल डेस्क  सुप्रीम कोर्ट ने आज सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर ऐतिहासिक निर्णय देते हए मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं...

बीएचयू में लड़कियों की आवाज से क्यों परेशान होते हैं दक्षिणपंथी (?)

राजीव सुमन  पिछले वर्ष 23 सितम्बर 2017 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बी.एच.यू) में लैंगिग भेदभाव और हिंसा, छेड़खानी, उत्पीड़न व प्रशासन के पितृसत्तात्मक रवैया के...

शिक्षकों का समूह बंटा कुलपति हंगलू के पक्ष और विपक्ष में: राष्ट्रपति को लिखी...

सुशील मानव  इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ऑटा) के पूर्व पदाधिकारियों ने कुलपति रतन लाल हंगलू के खिलाफ माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खुला पत्र लिखकर...

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कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।