एक निर्भीक श्रमण को आखिरी जोहार! वीरेंद्र यादव (5 मार्च 1950-16 जनवरी 2026)
शिवनंदन पासवान को क्यों भुला दिया गया : जननायक कर्पूरी ठाकुर को दिया था ‘मरणोपरांत न्याय’ !
खालिदा जिया बेगम (1945-2025): अधिकार, विरोधाभास और दक्षिण एशिया की जटिल विरासत
“धुरंधर” के लड़ाके
महिलाओं के मुद्दे (लेनिन से क्लारा जेटकिन की बातचीत की आख़िरी क़िस्त)
सिवाय साम्यवाद के महिलाओं की मुक्ति संभव नहीं:लेनिन
कम्युनिस्ट महिलाओं, कामगार महिलाओं के विचार सर्वहारा की क्रांति पर ही केंद्रित होना चाहिए: लेनिन
भारतीय संतों के हमेशा कुंडलिनी जागरण की तरह हमेशा सेक्स की समस्याओं में उलझे रहने वालों पर भी मैं अविश्वास करता हूं: लेनिन
लेनिन: कम्युनिस्ट नेतृत्व महिलाओं के आन्दोलन के सवाल पर निराशावादी, रुको और देखो वाला रुख अपना लेता है
विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !
एक क्रांतिकारी की पत्नी का आत्मकथ्य
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष: संगीता बरुआ पिशरोटी