ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
महिलाओं के मुद्दे (लेनिन से क्लारा जेटकिन की बातचीत की आख़िरी क़िस्त)
सिवाय साम्यवाद के महिलाओं की मुक्ति संभव नहीं:लेनिन
कम्युनिस्ट महिलाओं, कामगार महिलाओं के विचार सर्वहारा की क्रांति पर ही केंद्रित होना चाहिए: लेनिन
भारतीय संतों के हमेशा कुंडलिनी जागरण की तरह हमेशा सेक्स की समस्याओं में उलझे रहने वालों पर भी मैं अविश्वास करता हूं: लेनिन
लेनिन: कम्युनिस्ट नेतृत्व महिलाओं के आन्दोलन के सवाल पर निराशावादी, रुको और देखो वाला रुख अपना लेता है
विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !
एक क्रांतिकारी की पत्नी का आत्मकथ्य
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक