एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई जा रही अस्मिताएं

शालिनी आर्य  इस बार फिर मेरे हमसफर रतन लाल सूर्खियों में हैं. इस बार उनका सुर्खियों में होना पिछले अनेक बार की तुलना में अलग...

शराबबंदी , महिला मतदाता और नीतीश कुमार

संजीव चंदन नीतीश कुमार की नई सरकार के द्वारा शराबबंदी को महिलाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है. राज्य और राज्य से बाहर की महिलायें...

धर्मराष्ट्रवाद और राजनीति-खतरनाक गठजोड़ की नयी परंपरा

1914-15 में ही शहीदों ने धर्म को राजनीति से अलग कर दिया था. वे समझते थे कि धर्म व्यक्ति का व्यक्तिगत मामला है इसमें...

भारत माता जार-बेजार रो रही है

 प्रेमकुमार मणि चर्चित साहित्यकार एवं राजनीतिक विचारक हैं. अपने स्पष्ट राजनीतिक स्टैंड के लिए जाने जाते हैं. संपर्क : manipk25@gmail.com ( 'भारत माता की जय'...

महिला आरक्षण विधेयक को पारित करो [अपील पर हस्ताक्षर करें ]

इस लिंक पर जाकर अपील पर हस्ताक्षर करें  महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पहली बार १२ सितम्बर, १९९६ को प्रस्त्तुत किया गया था. उसके बाद...

12वीं लोकसभा में महिला आरक्षण पर बहस ( 8 मार्च )

राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति  दोनो ने महिला प्रतिनिधियों की सभा में महिला आरक्षण बिल पारित किये जाने की जरूरत पर बल दिया , परन्तु प्रधानमंत्री...

स्मृति इरानी जी, हमारी दुर्गा आप ही हो !

संजीव चंदन स्मृति इरानी जी,  आपको एक दिन लोकसभा में और दूसरे दिन राज्यसभा में बोलते हुए देखकर  मैं बेहिचक इस निष्कर्ष पर हूँ कि आप...

इस राष्ट्रवाद की भाषा में स्त्रियाँ ‘ रंडी’, ‘रखैल’ और बलात्कार से ठीक की...

संजीव चंदन भारतीय जनता पार्टी देश भर में ‘ राष्ट्रभक्ति’ का जोश भरने के लिए आंदोलन करने जा रही है. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जे...

महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी द्वारा दिया गया सुझाव जनसंहार की दिशा...

भारतीय राष्ट्रीय महिला फेडरेशन  महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के द्वारा दिये  गये बयान की भर्त्सना करती है , जिसमें उन्होंने कहा...

राजनीति की स्त्रीविरोधी वर्णमाला

नीलिमा चौहान पेशे से प्राध्यापक नीलिमा 'आँख की किरकिरी ब्लॉग का संचालन करती हैं. संपादित पुस्तक 'बेदाद ए इश्क' प्रकाशित संपर्क : neelimasayshi@gmail.com. बिहार चुनाव...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।