दलितस्त्रीवाद

बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की पत्नी (माई साहेब) को बदनाम किया नेताओं ने:रामदास आठवले

केन्द्रीय सामाजिक  न्याय और अधिकारिता मंत्री  (राज्य) रामदास आठवले ने कहा कि "नेताओं ने जानबूझ कर माई साहब को बदनाम करने की कोशिश की.  बाबा साहब...

‘छोटके चोर’

श्रीमती मोहिनी चमारिन जब-जब हिन्दी दलित साहित्य की बात चलती है, तब-तब प्रथम दलित रचना की प्रामणिकता को लेकर यह प्रश्न उठता है कि आखिर...

देवी से देवदासी तक संकट ही संकट: मानवाधिकार आयोग हुआ सख्त

स्त्रीकाल डेस्क  भारत में लोकतंत्र अपना काम कर रहा है. एक ओर  छतीसगढ़ में देवी पूजा के नाम पर दूसरों की आस्थाओं पर हमले पर...

‘मैं हिन्दू क्यों नहीं’ के लेखक पर हमला, ‘दुर्गा’ के कथित अपमान के आरोप...

स्त्रीकाल डेस्क  हिन्दू भावनाओं के कथित अपमान के आरोप में देश भर में लेखकों, बुद्धिजीवियों पर होने वाले हमलों की कड़ी में कुछ और मामले...

आदिवासी लेखिकाओं ने की आदिवासी महिलाओं के खिलाफ लेखन की निंदा लेकिन लेखन पर...

देश की वरिष्ठ और युवा आदिवासी महिलाओं ने एक स्वर से हांसदा सौभेन्द्र शेखर के लेखन की भर्त्सना की है जिसमें उसने आदिवासी स्त्रियों...

जातिवाद का दंश: दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राध्यापक को राजधानी में नहीं मिल रहे फ़्लैट

रजनी अनुरागी  पिछले लगभग 10 दिन से किराए पर दो शयनकक्ष वाला फ्लैट देख रही हूं। रोहिणी दिल्ली में डीडीए की और अन्य कई ग्रुप...

पतनशील पूर्वप्रेमिका कंगना हाज़िर हो !

नीलिमा चौहान पेशे से प्राध्यापक नीलिमा 'आँख की किरकिरी ब्लॉग का संचालन करती हैं. प्रकाशित पुस्तकें: पतनशील पत्नियों के नोट्स, 'बेदाद ए इश्क' (संपादित) संपर्क...

दलित छात्रा को मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय ने चयन के बाद भी नहीं दिया...

स्त्रीकाल डेस्क  मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल अपने एक विवादास्पद फैसलों के कारण सुर्ख़ियों में है. इसने अपने यहाँ एक पाठ्यक्रम के लिए चयनित दलित...

जेएनयू में दलित-ओबीसी छात्राएं चुनाव मैदान में: ऐतिहासिक चुनाव

ज्योति प्रसाद  महिला आरक्षण बिल का एक फेसबुक पेज़ है जिसे गिनती के लाइक्स मिलते हैं। कई लोगों को यह भी नहीं मालूम कि डबल्यूआरबी...

दलित छात्रा ने की आत्महत्या मोदी सरकार के फैसले को कोर्ट में उसने दी...

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बहस करने वाली तमिलनाडु के अरियालुर जिले की दलित लड़की अनीथा  ने...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।