स्त्री देह में कैद एक पुरुष हूँ मैं…

डिसेंट कुमार साहू  आखिर वह भी तो इससे परेशान ही थी कि स्त्री देह में जन्म लेने के बाद अपने शरीर से एकाकार नहीं कर...

फिल्म कक्कुज (पखाना) की निर्माता दिव्या भारती किसके निशाने पर ?

कुमुदिनी पति  विवाद , समाज और सियासत, दिव्या भारती अपने गृह-राज्य तमिलनाडु से बाहर रहने के लिए मजबूर कर दी गईं हैं।उनके कुछ करीबी मित्रों के...

हाँ, मैं स्त्रीवादी हूँ लेकिन दुर्गा और स्मृति ईरानी विरोधी भी

भोपाल से मेरे एक मित्र का फोन आया, ‘यार तुम तो स्त्रीवादी हो, लेकिन दुर्गा के अपमान के अभियान में कैसे शामिल हो !!!...

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कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।