पानी लाने के लिए कई शादियाँ करते हैं मर्द: औरतों को पानी वाली सौतन...

कहते हैं कि तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। तीसरे विश्व युद्ध का इंतजार किए बिना देश की अधिसंख्य महिलाएं रोज ही पानी...

30 जुलाई को देशव्यापी प्रतिरोध की पूरी रपट: मुजफ्फरपुर में बच्चियों से बलात्कार के...

सुशील मानव  सामाजिक कार्यकर्ताओं, संगठनों की आवाज रंग ला रही है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेपकांड की लीपापोती में लगी सरकार हाईकोर्ट के आदेश के पहले...

कैथलिक पादरी के खिलाफ आगे आये महिला संगठन: पादरी पर है नन के यौन...

स्त्रीकाल डेस्क  पिछले दिनों केरल के कई पादरियों पर ननों से यौन शोषण के आरोपों के बीच कई महिला संगठनों ने जालन्धर के बिशॉप फ्रांको...

पिछले पांच सालों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े है: महाराष्ट्र महिला कांग्रेस अध्यक्ष

जब मैंने राजनीति की शुरुआत की, मैं कॉलेज से पढ़ कर निकली ही थी। मुझे इसका अनुभव बिल्कुल भी नहीं था। मेरी राजनीति की शुरुआत 1992 में जिला परिषद के चुनाव से जिला परिषद के अध्यक्ष के रूप में हुई। 5 साल तक मैं जिला परिषद में थी उसके बाद पार्टी में कई पदों पर रही।

सत्ता के उच्च पदों पर जातिवादी और सांप्रदायिक मनोवृति के लोगआसीन हैं: तीस्ता सीतलवाड़

गुजरात में सत्ता के दमन चक्र के खिलाफ सबसे मुखर आवाज रही सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ से उत्पल कान्त अनीस और संजीव चन्दन की...

मेधा पाटकर का सरकारी उत्पीड़न जारी

  नर्मदा बचाओ आंदोलन  1.मेधा पाटकर को इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के चार घंटे बाद, इंदौर से बड़वानी जाने के क्रम में...

महिला राजनेताओं की सेक्सुअल ट्रोलिंग को रोक सकती है राजनीतिक जागरूकता

भारत मे स्त्री मतदाताओ पर किये सर्वे बताते है कि दक्षिण भारत मे स्त्रियाँ स्वैच्छिक मतदान का प्रयोग ज़्यादा करती हैं उत्तर भारत की तुलना मे जहाँ आज भी स्त्रियाँ अपने मत का निर्णय करने के लिये स्वतंत्र नही. आपको जिन मामलों में निर्णय का अधिकार अथवा स्वतंत्रता न हो तो निर्णय करने की क्षमता पर भी इसका सीधा असर पड़ता ही है.

वर्मा जी,शर्मा जी, रावत जी, सबके हैं संबंध बच्चियों के बलात्कार काण्ड से

स्त्रीकाल डेस्क  इधर देश का ध्यान मीडिया ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लम्बी बीमारी के बाद मृत्यु पर केन्द्रित कर रखा है उधर...

कोलकाता प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में अध्यापक का जाति आधारित उत्पीड़न

.डिम्पल अनिल पुष्कर से बातचीत तथा ईमेल से चर्चा के दौरान पता चला कि कोलकाता प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में चयन के बाद से ही उनके खिलाफ...

धर्म और स्त्री

निवेदिता मैं कुछ दिनों पहले दिल्ली में एक गोष्ठी में गयी थी। जहां मेरी मुलाकात स्वामी शिवानंद से हुई। उन्हें पर्यावरण के मुद्दे पर अपनी...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।