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महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार

हमारा तो उद्देश्य था महकार के महाकाव्य के पन्नों से गुजरना, उसकी काव्यात्मकता का आनंद लेना। बहुत कुछ हम पहले से सुन चुके थे। आज फिर उकसा कर सुन रहे थे। आज देख भी रहे थे। जीतन राम मांझी बड़े अच्छे किस्सागो हैं। वे नेता नहीं होते तो साहित्यकार होते। अच्छा हुआ नेता हुए -महाकाव्य पन्नों पर नहीं, पगडंडियों पर रचा गया, घटित हुआ।जितना संभव हो सके पुराने क्षणों का रिप्लिका तैयार हो रहा था। पुराने का कुछ ढांचागत अवशेष नहीं है, लेकिन पुराने अवशेष पर ही खड़ा है सपनों का यथार्थ, वर्तमान का यथार्थ।

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कला-संस्कृति

इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार

एक अत्यंत ज़हीन खूबसूरत, जिज्ञासु, तेज तर्रार और उत्साहित युवती। जिसे ईरान जाने का मौका मिला तो इंडो-ईरान संबंधों की और बहुत-सी महत्वपूर्ण...

स्वास्थ्य

इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार

एक अत्यंत ज़हीन खूबसूरत, जिज्ञासु, तेज तर्रार और उत्साहित युवती। जिसे ईरान जाने का मौका मिला तो इंडो-ईरान संबंधों की और बहुत-सी महत्वपूर्ण...
ISSN 2394-093X
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हमारा तो उद्देश्य था महकार के महाकाव्य के पन्नों से गुजरना, उसकी काव्यात्मकता का आनंद लेना। बहुत कुछ हम पहले से सुन चुके थे। आज फिर उकसा कर सुन रहे थे। आज देख भी रहे थे। जीतन राम मांझी बड़े अच्छे किस्सागो हैं। वे नेता नहीं होते तो साहित्यकार होते। अच्छा हुआ नेता हुए -महाकाव्य पन्नों पर नहीं, पगडंडियों पर रचा गया, घटित हुआ।जितना संभव हो सके पुराने क्षणों का रिप्लिका तैयार हो रहा था। पुराने का कुछ ढांचागत अवशेष नहीं है, लेकिन पुराने अवशेष पर ही खड़ा है सपनों का यथार्थ, वर्तमान का यथार्थ।

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