खबरें

‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना

प्रेमचंद जयंती पर विशेष मानव केंद्रित नवजागरण काल में जबकि साहित्य प्रगतिशीलता की ओर बढ़ रहा था उसी समयकाल में धर्म-केंद्रित, चमत्कारपूर्ण और चमकीले-अश्लील...

साहित्य

कला-संस्कृति

सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति

पुस्तक समीक्षा चोखा दाम - सतीश सरदाना बोधि प्रकाशन 2026 समकालीन हिंदी कहानी का एक बड़ा संकट यह है कि वह कई बार अपने...

स्वास्थ्य

सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति

पुस्तक समीक्षा चोखा दाम - सतीश सरदाना बोधि प्रकाशन 2026 समकालीन हिंदी कहानी का एक बड़ा संकट यह है कि वह कई बार अपने...
ISSN 2394-093X
418FansLike
783FollowersFollow
73,600SubscribersSubscribe

पढ़ी जा रही हैं

समसामयिकी

सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति

पुस्तक समीक्षा चोखा दाम - सतीश सरदाना बोधि प्रकाशन 2026 समकालीन हिंदी कहानी का एक बड़ा संकट यह है कि वह कई बार अपने...

‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना

प्रेमचंद जयंती पर विशेष मानव केंद्रित नवजागरण काल में जबकि साहित्य प्रगतिशीलता की ओर बढ़ रहा था उसी समयकाल में धर्म-केंद्रित, चमत्कारपूर्ण और चमकीले-अश्लील...

‘द वायस ऑफ़ हिन्द रजब’

आपको बता दें कि ऑस्कर में नामांकित होने पर कॉल सेंटर ऑपरेटरकी भूमिका निभाने वाले मोताज मालहीज़ इन्स्टाग्राम पर लिखते हैं कि “मुझे फ़िलिस्तीनी...

गद्य काव्य रचना त्रयी

भाग (1): संकल्प  (  जवाब.. ) ​" काफ़ी  समय  बाद  कुछ  ख़ाली  हुआ  हूँ  ख़ुद के लिए ...." ​यह भी  वर्तमान का सच है, कि तुम्हें पता  चला...

फूलमती का वसंत ऋतु

कहानी : श्यामत भट्टाचार्य                                अनुवाद : कुमार शाश्वत कोयल के लिए...

बड़ी ख़बरें

सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति

पुस्तक समीक्षा चोखा दाम - सतीश सरदाना बोधि प्रकाशन 2026 समकालीन हिंदी कहानी का एक बड़ा संकट यह है कि वह कई बार अपने...

Latest Articles

लोकप्रिय