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प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन

यह एक बड़ी राजनीतिक विडंबना है। राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गाँधी लगातार सोशल जस्टिस, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की बात करते रहे हैं। कांग्रेस की वैचारिकी में एक पैराडाइम शिफ्ट" राहुल गाँधी इसी की बात करते रहे हैं। और यह भी कि दलित, आदिवासी और मुस्लिम खासतौर पर कर्नाटका में कांग्रेस के वोटर रहे हैं। कर्नाटका में दलितों की आबादी 18 प्रतिशत के करीब है और अनुसूचित जनजाति की लगभग 7 फीसद। और इस इतनी बड़ी आबादी का ज्यादातर कांग्रेस को ही वोट करती है। लेकिन फिर भी कांग्रेस कई संवेदनशील, धार्मिक, सांस्कृतिक मुद्दों पर बहुसंख्यक भावनाओं या ताकतवर जातियों के साथ खड़ी हो जाती है।

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परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !

सवाल है कि क्या अपने लिए परायेपन का वातावरण बनाने में सम्राट चौधरी ने खुद अपना योगदान दिया है? क्या उनके लिए एक परसेप्शन बन जाएगा कि वे सबके तो नहीं ही हैं, जैसे नीतीश कुमार सबके होने का अहसास देते थे, वे किसी के हो भी नहीं सके हैं। क्या यह अर्जित परायापन है? जब से सम्राट ने शपथ ली है तब से मीडिया का एक बड़ा तबका, समाज का एक बड़ा तबका स्थायी नहीं मान रहा है, समय-समय पर उनकी जगह दूसरा मुख्यमंत्री बनाए जाने की डेडलाइन तय करता है, जिसमें प्रशांत किशोर के बयान सहित भाजपा नेताओं की समय-समय पर टिप्पणियाँ उद्दीपन पैदा करती हैं।

स्वास्थ्य

परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !

सवाल है कि क्या अपने लिए परायेपन का वातावरण बनाने में सम्राट चौधरी ने खुद अपना योगदान दिया है? क्या उनके लिए एक परसेप्शन बन जाएगा कि वे सबके तो नहीं ही हैं, जैसे नीतीश कुमार सबके होने का अहसास देते थे, वे किसी के हो भी नहीं सके हैं। क्या यह अर्जित परायापन है? जब से सम्राट ने शपथ ली है तब से मीडिया का एक बड़ा तबका, समाज का एक बड़ा तबका स्थायी नहीं मान रहा है, समय-समय पर उनकी जगह दूसरा मुख्यमंत्री बनाए जाने की डेडलाइन तय करता है, जिसमें प्रशांत किशोर के बयान सहित भाजपा नेताओं की समय-समय पर टिप्पणियाँ उद्दीपन पैदा करती हैं।
ISSN 2394-093X
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परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !

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यह एक बड़ी राजनीतिक विडंबना है। राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गाँधी लगातार सोशल जस्टिस, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की बात करते रहे हैं। कांग्रेस की वैचारिकी में एक पैराडाइम शिफ्ट" राहुल गाँधी इसी की बात करते रहे हैं। और यह भी कि दलित, आदिवासी और मुस्लिम खासतौर पर कर्नाटका में कांग्रेस के वोटर रहे हैं। कर्नाटका में दलितों की आबादी 18 प्रतिशत के करीब है और अनुसूचित जनजाति की लगभग 7 फीसद। और इस इतनी बड़ी आबादी का ज्यादातर कांग्रेस को ही वोट करती है। लेकिन फिर भी कांग्रेस कई संवेदनशील, धार्मिक, सांस्कृतिक मुद्दों पर बहुसंख्यक भावनाओं या ताकतवर जातियों के साथ खड़ी हो जाती है।

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