एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला: विनेश फोगाट

स्त्रीकाल डेस्क जकार्ता: विनेश फोगाट ने सोमवार को 18वें एशियाई खेलों में भारत को कुश्ती में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने 50 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल...

बहुजन भारत के शौर्य-मेधा का प्रतीक बनी हिमा दास

स्त्रीकाल डेस्क  फ़िनलैंड के टैम्पेयर शहर में 18 साल की हिमा दास ने 12 जुलाई को इतिहास रचते हुए आईएएएफ़ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की...

यू पी एस सी में स्त्रीकाल

यू पी एस सी में 22 साल की छात्रा अव्वल  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की 2015 की परीक्षा में दिल्ली की टीना डाबी ने...

स्त्रीकाल के साथ पत्रकारिता करें, इंटर्नशिप करें

साथियो, आप कहीं भी हों, किसी भी शहर में, यदि आप जर्नलिज्म के विद्यार्थी हैं या स्त्री अध्ययन और जेंडर स्टडीज के विद्यार्थी हैं, तो...

अनिता भारती की किताब को ‘ सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान, 2016’ की घोषणा

स्त्रीवादी पत्रिका , ' स्त्रीकाल, स्त्री का समय और सच' के द्वारा वर्ष 2016 के लिए ' सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान'  लेखिका अनिता भारती...

ओलंपिक में स्त्रीकाल- कर्णम मल्लेश्वरी से लेकर साक्षी मलिक तक

रियो ओलंपिक में दीपा कर्मकार के शानदार प्रदर्शन के बाद साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोल दिया. साक्षी मलिक भारतीय पहलवान साक्षी...

इजाडोरा डंकन: नृत्य की महान साम्राज्ञी और स्त्री-स्वतंत्रता की प्रवक्ता!

ज्योति प्रसाद  शोधरत , जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय. सम्पर्क: jyotijprasad@gmail.com आज 29 अप्रैल है। आज ही के दिन अंतरराष्ट्रीय  नृत्य दिवस (इंटरनेशनल डांस डे) मनाया जाता...

सतपुड़ा की वादियों में सक्रिय आदिवासियों की ताई: प्रतिभाताई शिंदे

नीलेश  झाल्टे   महाराष्ट्र में आदिवासियों के बीच उनकी लड़ाई में शामिल प्रतिभाताई शिंदे से महिला-नेतृत्व सीरीज के तहत  परिचित करा रहे हैं  नीलेश  झाल्टे :  आदिवासी समाज...

स्त्रीकाल देगा शर्मिला रेगे को ‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान ‘

३ जनवरी,  सावित्रीबाई फुले -जयन्ती की पूर्व सन्ध्या पर शर्मिला रेगे की किताब को सम्मान की घोषणा  स्त्रीवादी पत्रिका , ' स्त्रीकाल, स्त्री का समय...

‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान’

स्त्रीकाल के द्वारा 2015 के फरवरी –मार्च में दिये जाने वाले 'सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान' के लिए आवेदन / संस्तुतियां  30 नवम्बर 2014...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।