दिल्ली के कार्यक्रम से भी लेखकों ने किया किनारा: दैनिक जागरण का व्यापक विरोध

दैनिक जागरण के प्रो-रेपिस्ट पत्रकारिता से नाराज़ होकर प्रतिरोध स्वरूप उसके द्वारा दिल्ली में हर माह आयोजित किये जाने वाले दो सत्रों के साहित्यिक...

हिन्दी कविता का स्त्रीवादी स्वर: अनामिका

पिछले दिनों स्त्री रचनाकारों पर हमले और स्त्रीवादी संघर्ष दोनो की प्रतीक बनी अनामिका का आज जन्मदिन (17 अगस्त) है. वे हिन्दी साहित्य की...

शुभम श्री की पुरस्कृत और अन्य कविताएं : स्त्रीकाल व्हाट्सअप ग्रूप की टिप्पणियाँ

शुभम श्री की 'पोएट्री मैनेजमेण्ट' कविता को इस वर्ष का  भारत भूषण अग्रवाल सम्मान देने की घोषणा हुई है.  कहानीकार और कवि उदय प्रकाश...

पेशेवर महिलाएं : बदलती पीढ़ी की अभिव्यक्ति

 शरद जयसवाल असिस्टेंट प्रोफेसर, स्त्री अध्ययन विभाग,महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय. सम्पर्क:  .sharadjaiswal2008@gmail.com  भारतीय समाज में पिछले सत्तर सालों में स्त्री-पुरुष के बीच के संबंधों में...

जंग खोज निकालता है कोई और खूबसूरत सी चीज

हर्ष भारद्वाज सरस्वती विद्या मंदिर, फ़ारबिसगंज के छात्र है. यकीन नहीं होगा आपको कि ये दसवीं में पढ़ रहे एक किशोर की कविताएँ हैं.  एक दूसरे से...

निराला की कविता में स्त्री मुक्ति का स्वर

नीरज कुमार निराला का ब्याह तेरह (13) बरस की उम्र के आस-पास हो गया था। तकरीबन सोलह (16) बरस की उम्र में उनका गौना हुआ।...

राजेंद्र यादव से मन्नू का प्रेम ठोस था: वे पत्नी और प्रेमिका दोनो रहीं

वरिष्ठ लेखिका सुधा अरोड़ा से पाखी के राजेंद्र यादव विशेषांक  के लिए प्रेम भारद्वाज ने 2011 में बातचीत की थी. तब राजेंद्र जी जीवित...

युग नायिका सावित्री बाई फुले

रजनी तिलक सावित्रीबाई फुले स्मृति दिवस पर विशेष  सावित्री बाई फुले कोई साधारण महिला नहीं थी, जिन्हें इतिहास के गर्भ में छुपा दिया जाए और वे...

शर्म

हरि भटनागर लघु जीवन के रचनाकार हरि भटनागर के चार कथा संग्रह और एक उपन्यास प्रकाशित है रूस के पुश्किन सम्मान सहित कई सम्मान से सम्मानित. सम्पर्क...

मै ही हूँ मैला आंचल में डाक्टर ममता: लतिका

 किसी इंसान , महान व्यक्तित्व , सार्वजनिक जीवन की शख्सियत -लेखक , कलाकार को जानने -समझने का उसके हमसफ़र का उसके प्रति के नजरिये...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।