मन्दिर प्रवेश के लिए यह कैसा संघर्ष ( !)

प्रियंका सोनकर  प्रियंका सोनकर  असिस्टेन्ट प्रोफेसर दौलत राम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय. priyankasonkar@yahoo.co.in भारत में हिन्दू धर्म में दलितों और स्त्रियों को कभी भी सम्मान के नज़रिये...

बीएचयू में लड़कियों के आंदोलन को हड़पने की रस्साकशी

अनिता भारती  बीएचयू में लड़कियों के स्वतःस्फूर्त आन्दोलन को एबीवीपी और एनएसयूआई द्वारा हड़पने की कोशिश के बारे में बता रही हैं आन्दोलन की एक...

मनुवादी न्याय का शीर्ष तंत्र

( भगाणा की दलित लड्कियों के साथ बलात्कार के खिलाफ साथियों ने आन्दोलन छेड ही रखा था कि 'योगगुरु' रामदेव ने दलित स्त्रियों के...

माँ-बहन की गालियाँ देने वाले लोगों के तार सत्ताधीश से क्यों जुड़े होते हैं?

स्त्रीकाल डेस्क  फॉरवर्ड प्रेस के हिन्दी संपादक नवल किशोर कुमार को मिल रही हैं धमकियां, दी जा रही हैं गालियाँ. नवल  ने 27 मई को...

यौन हमलावारों से सख्ती से निपटें पीड़िताएं, तभी रुकेंगी बैंगलोर जैसी घटनाएं

तारा शंकर Crime against women in Delhi विषय  पर जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से 2016 में पीएचडी वर्तमान में कमला नेहरु कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) में बतौर...

अनचाही बेटियाँ

जावेद अनीस एक्टिविस्ट, रिसर्च स्कॉलर. प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े स्वतंत्र पत्रकार . संपर्क :javed4media@gmail.com javed4media@gmail.com हम एक लिंगभेदी मानसिकता वाले समाज हैं जहाँ लड़कों...

मंदिर में उन्हें ऊपरी वस्त्र खोलकर ही जाना होता था , देना होता था...

अपने स्तन काटकर स्तन ढकने के अपने अधिकार की लड़ाई और स्तन टैक्स के खिलाफ लड़ाई की मशाल  (19 वी सदी में)  जगाने वाली...

चाहे नरक में दीजो डार

नासिरूद्दीन हैदर खाँ नासिरूद्दीन हैदर खाँ पेशे से पत्रकार हैं और जेंडर जिहाद के संपादक हैं . ( मुसलमानों के बीच स्त्री -पुरुष के...

कंडोम , सनी लियोन और अतुल अंजान की मर्दवादी चिंता

दरवाजे पर धीमे बदलावों की थाप                                      ...

इतिहास का अंधकूप बनाम बंद गलियों का रूह-चुह : गया में यौनकर्म और...

संजीव चंदन ( यह आलेख २००९ में एक शोध के सिलसिले में किये गये केस स्टडी का एक हिस्सा है :दो किस्तों में प्रकाश्य  )  यद्यपि...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।