जशोदाबेन की चिट्ठी

प्रातःस्मरणीय प्रभु जी , समझ नहीं पा रही , बात कहाँ से शुरू करूं और अपनी भावनाओं को किन शब्दों में उतारूं . तुम भारतवर्ष...

ऐसी पोशाकें पहनने वाली लडकियां नंगी घूमें: हरियाणा सीएम

हमारा देश कितना घोषित पितृसत्तात्मक देश है !   '#मेरीरातमेरीसड़क अभियान के तहत आज लडकियां (12 अगस्त) 12 बजे रात को सड़कों पर  निकलकर अपने स्पेस...

मुसलमान भी नहीं पैदा करना चाहते बेटियां

नासिरूद्दीन हैदर खाँ नासिरूद्दीन हैदर खाँ पेशे से पत्रकार हैं और जेंडर जिहाद के संपादक हैं . ‘..और (इनका हाल यह है कि) जब...

राष्ट्रपति, क्या कुलपति के खिलाफ कार्रवाई करने वाले हैं!

स्त्रीकाल डेस्क  कार्य स्थलों पर महिला कर्मियों के यौन  उत्पीडन को लेकर 2013 में क़ानून बना. इसके पहले कार्यस्थलों पर यौन  उत्पीड़न के प्रसंग में...

सिंदूर बना विमर्श : पक्ष-विपक्ष में रचनाकार, मैत्रेयी पुष्पा हुईं ट्रॉल

यह सप्ताह स्त्रीवादी विमर्श के खाते में रहा. जहां अमेरिका स्थित भारतीय वकील सारा राय ने विद्यार्थियों के यौन उत्पीड़क प्रोफेसरों की सूची जारी...

पितृसत्ता पुरुषों का अमानवीयकरण करती है : कमला भसीन

कमला भसीन दक्षिण एशियाई देशों में जेंडर ट्रेनिंग के लिए ख्यात हैं. स्त्री -पुरुष समानता की अलख जगाती कमला भसीन के साथ स्त्रीकाल के...

स्थितियां बनायी गयी थीं, लेकिन उसने ‘हाँ’ कहने से इनकार किया और…

पल्लवी  जब पुरुष ने ऐसी स्थितियां उत्पन्न की, तब स्त्री का 'हाँ' या 'न' अर्थहीन हो गया-और उसी वक्त स्त्री ने 'वस्तु' होने से इनकार...

बच्चों को रोटी, कपड़ा, दवा और पढाई नहीं दे पाने वाला समाज सिर्फ...

स्त्रीवादी अधिवक्ता अरविन्द जैन किशोर न्याय अधिनियम,1986 की विशेषज्ञ समिति के सदस्य रहे हैं. किशोर न्याय अधिनियम में परिवर्तन के कदम पर उनसे राष्ट्रीय सहारा (हस्तक्षेप) के लिए...

बाल विवाह के लिए अभिशप्त लड़कियाँ

उपासना बेहार लेखिका  सामाजिक कार्यकर्ता हैं और महिला मुद्दों और बाल अधिकारों को लेकर मध्यप्रदेश में लम्बे समय से काम कर रही हैं संपर्क...

मर्दाना हकों की हिफ़ाजत करता मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड

नासिरुद्दीन एक बार फिर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुर्खियों में है. और इतिहास गवाह है कि पर्सनल लॉ बोर्ड के सुर्खियों में आने की...
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कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।