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राजनीतिक | स्त्रीकाल

प्रवासी मृत देहों के सम्मान के लिए लड़ने वाली फिल्म आर्टिस्ट चुनाव मैदान में

केरल के कालीकट (कोझिकोड) लोकसभा क्षेत्र से फिल्म आर्टिस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता नुज़रथ जहाँ निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं. एयरलाइन्स से कैरियर...

मेरी माँ मेरा आदर्श..!

इंदिरा जी के इस कथन से सीख लेते हुए कि “राजनीति में अगर रहना है तो टीका-टिप्पणी, निंदा, सहन करने की और पचाने की क्षमता होनी चाहिए” माँ ने जीवन के कटु-अनुभवों से सिख लेते हुए हर स्थिति का सामना करने की शक्ति प्राप्त की. जब मैं जिला परिषद् की अध्यक्षा बनी तो भी उन्होंने मुझे यही समझाया कि ‘किसी का बुरा मत करना. नेकी कर दरिया में डाल’ उनका कहना है कि गरीब के सेवा से ही भगवान की पूजा हो जाती है.

स्मृति जी कंडोम के विज्ञापन वल्गर तो डीयो के संस्कारी कैसे?

श्वेता यादव अष्टभुजा शुक्ल की लाइनें हैं एक हाथ में पेप्सी कोला दूजे में कंडोम, तीजे में रमपुरिया चाकू चौथे में हरिओम, कितना ललित ललाम...

मीसा भारती: महिलाओं को अधिकार दिये बिना सामाजिक न्याय अधूरा

डा. मीसा भारती डा. मीसा भारती राज्यसभा सांसद हैं .  राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय जनता दल की प्रभावशाली महिला नेता डा. मीसा भारती...

जाने क्या कुछ है महिलाओं के लिए कांग्रेस के पिटारे में: कांग्रेस का घोषणापत्र

समाज के श्रमशील वर्ग की महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा है जिसमे प्रवासी महिला श्रमिकों के लिए पर्याप्त रैन बसेरों, कसबों और शहरों में महिलाओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालयों की संख्या बढ़ाने, सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों और कॉलेजों में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीने लगाने की बात है.

मी टू कैंपेन से जुड़े कुछ सवाल, शंकाएं और भविष्य का भारत

जया निगम  तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर द्वारा यौन उत्पीड़न के 10 साल पहले के एक हादसे की स्वीकारोक्ति ने हमारे देश में #MeToo की...

चुनाव आयोग को महिला संगठनों का पत्र: समुचित राजनीतिक प्रतिनिधत्व के लिए हस्तक्षेप की...

हम सभी राजनीतिक दलों से, उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से परे जकार आग्रह करते हैं, कि वे महिलाओं के सशक्तीकरण और मुक्ति के उनके बार-बार के चुनावी दावे की दिशा में काम करें। दक्षिण या वाम, हर पंथ के राजनीतिक दलों में सभी ने व्यक्तिगत या सामूहिक क्षमता में महिला आरक्षण के पारित होने का समर्थन करने की बात की है। यह भाषणों और चुनाव घोषणापत्रों में अक्सर किया जाने वाला एक चुनावी वादा रहा है। फिर भी, इस विधेयक को न तो लोकसभा में लाया गया है और न ही राजनीतिक दलों द्वारा अपने स्वयं संगठन के भीतर जेंडर-न्याय की दिशा में कोई कदम उठाया गया है।

मेरा एक सपना है ! (मार्टिन लूथर किंग का उद्बोधन,1963)

 मार्टिन लूथर किंग, जूनियर  प्रस्तुति और अनुवाद : यादवेन्द्र    ‘मेरा एक सपना है’, 1963 में वाशिंगटन मार्टिन लूथर किंग, जूनियर द्वारा दिया गया प्रसिद्द भाषाण है, जो उन्होंने...

कंडोम , सनी लियोन और अतुल अंजान की मर्दवादी चिंता

दरवाजे पर धीमे बदलावों की थाप                                      ...

कुछ यूं आयी धारा 497:ऐतिहासिक संदर्भों में ऐडल्ट्री

लाल बाबू ललित  जब हम ऐडल्ट्री शब्द की बात करते हैं तो सामान्य अर्थों में इसका मतलब होता है दो विपरीतलिंगी व्यक्तियों के बीच अमान्य...
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रजनी दिसोदिया की आलोचना पुस्तक का लोकार्पण

इस किताब में सलीके से कही गयी बातों को हमें कक्षाओं में लेकर जाना चाहिए। जाति के मुद्दे को पाठ्यक्रम में न लाना भी एक साज़िश है। लेखिका की दृष्टि दलित या स्त्री विमर्श तक नहीं बल्कि कहीं अधिक व्यापक है। उनकी विनम्र शैली लोगों को जोड़ने का काम करती है। इन लेखों में ताऱीख भी देनी चाहिए जिससे उनकी वैचारिक यात्रा को पाठक समझ सके। यह पुस्तक दलित चेतना को विस्तार देती है।
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