हैप्पी बड्डे #MeToo: एक साल का हुआ मीटू अभियान: कितना असर-कितना बेअसर!

सीमा आज़ाद 15 अक्टूबर 2018 यानि आज ‘मीटू’ आन्दोलन एक साल का हो गया, वह ‘हैशटैग’ आन्दोलन जिसे हॉलीवुड अभिनेत्री अलीसा मिलाने ने शुरू किया।...

मायावती का चरित्रहनन और राजनीतिक पतन का मर्सिया

निखिल आनंद एक ओबीसी-सबल्टर्न पत्रकार एवं सामाजिक- राजनीतिक कार्यकर्ता. संपर्क: nikhil.anand20@gmail.com, 09939822007मायावती हाशिये से आगे बढ़कर ताकतवर राजनीतिक शख्सियत के रूप में स्थापित मायावती...

हमारी पार्टी गरीबों की पार्टी है : दीपंकर भट्टाचार्य

बिहार चुनाव का तीसरा फेज 28 को है. छोटे -बड़े दलों के नेता हवाई मार्ग ( हेलीकॉप्टरों) से राज्य के खेत -खलिहानों में उतर...

दिल्ली सरकार के खिलाफ आगे आये रंगकर्मी: मनीष सिसोदिया सवालों से बचते नजर आये

रंगकर्मियों के प्रदर्शन कभी-कभी के ही दृश्य होते हैं. रंगकर्म की अस्मिता और उसकी स्वायत्तता बचाये रखने के लिए रंगकर्मियों के एक समूह ने...

झारखण्ड के 20 सामाजिक कार्यकर्त्ताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज, आलोका कुजूर का...

प्रस्तुति और रिपोर्ट : राजीव सुमन  26 जुलाई  को करीब साढ़े ग्यारह बजे झारखण्ड के खूँटी जिले के खूँटी थाना में 20 लोगो पर देशद्रोह...

संघ प्रमुख की सुरक्षा पर हंगामा , आगे आये दलित संगठन

संजीव चंदन  पिछले दिनों नागपुर में मोहन भागवत को लेकर हंगामा खडा हो गया, जब नागपुर महानगरपालिका ने शहर के ऊंटखाना इलाके के डा. बाबासाहब...

समानता के लिए जरूरी है महिला आरक्षण: सीताराम येचुरी

एनएफआईडवल्यू  द्वारा 12 सितंबर  2016 को आयोजित सेमिनार में सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने महिला आरक्षण बिल को जल्द पास करवाये जाने...

12वीं लोकसभा में महिला आरक्षण पर बहस ( 8 मार्च )

राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति  दोनो ने महिला प्रतिनिधियों की सभा में महिला आरक्षण बिल पारित किये जाने की जरूरत पर बल दिया , परन्तु प्रधानमंत्री...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर जनता को दिया जल समाधि का तोहफा

आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर सरदार सरोवर बांध के 30 दरवाज़े खोल कर इस परियोजना का उदघाटन किया. हालांकि...

नीतीश कुमार को कौन दे रहा धीमा जहर (!)

संजीव चंदन नीतीश जी उम्मीद है मजे में होंगे, सत्ता मजे में ही रखती है! चाहे लाख बलाएँ आयें, राज्य में बेटियों से राज्य-संरक्षित बलात्कार हो...

लोकप्रिय

कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।