हिन्दू पराक्रम का कैसे हो प्रतिकार

  ( भगाणा में दलित लडकियों पर बलात्कार के पीछे की हिन्दू और द्विज मानसिकता  और उसके प्रतिकार की पडताल में एच एल दुसाध का...

कब तक नचवाते और तालियाँ बजवाते रहेंगे हम !

( थर्ड जेंडर की पीडा के प्रति संवेदनशीलता के साथ धर्मवीर सिंह ने अस्मिता की आवाज , उसके भीतर के अंतरविरोध , साहित्य ,...

किन्नर अब ‘थर्ड जेंडर’ की तरह पहचाने जाएंगे

(‘जल,जंगल और जमीन: उलट-पुलट पर्यावरण’ नामक चर्चित पुस्तक के लेखक सरोकारी पत्रकार स्वतंत्र मिश्र का यह लेख किन्नरों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘थर्ड जेंडर’...

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कुछ अल्पविराम

लेडी श्रवण कुमार-भारतीय समाज की इस विडंबना की ओर संकेत किया है जहां पुरूष कोई कार्य करता है तो उसे समाज उसकी सराहना करता है। श्रवण कुमार की सेवा भक्ति का जिक्र हर एक की जुबान पर मिलता है। मगर हमारे देश में महिलाएं सेवाकर्म बरसों से करती आ रहीं हैं। मगर घर-परिवार हो या समाज सबने उसके योगदान को नजरअंदाज किया है।